दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा।ऑल इंडिया पसमांदा उलेमा बोर्ड के राष्ट्रीय प्रवक्ता मौलाना अब्दुल रकीब रहमानी ने केंद्र सरकार की नई आतंकवाद-रोधी नीति ‘प्रहार’ का स्वागत करते हुए इसे देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से आतंकवाद और उग्रवाद जैसी चुनौतियों का सामना करता रहा है, जिससे देश को कई बार जान-माल की भारी क्षति उठानी पड़ी है। मौलाना रहमानी ने कहा कि ‘प्रहार’ नीति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल किसी घटना के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आतंकवाद और कट्टरपंथी गतिविधियों को पहले से रोकने पर केंद्रित है। उन्होंने बताया कि इस नीति में खुफिया एजेंसियों के बेहतर समन्वय, पुलिस तंत्र की सतर्कता, कानूनी सुधारों और नागरिक सहयोग को विशेष महत्व दिया गया है।उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। मुस्लिम समाज, उलेमा, इमाम, अभिभावक और सामाजिक संगठनों की भूमिका युवाओं को सही दिशा देने और उन्हें कट्टरपंथ से दूर रखने में महत्वपूर्ण हो सकती है। वही मौलाना रहमानी ने मस्जिदों और सामुदायिक केंद्रों में जागरूकता अभियान चलाने तथा युवाओं को सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक और भड़काऊ सामग्री से बचाने के लिए डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि देश की शांति, एकता और सुरक्षा के लिए सरकार और समाज के बीच विश्वास तथा सहयोग सबसे महत्वपूर्ण आधार है, और ‘प्रहार’ की सफलता भी इसी पर निर्भर करेगी।