विरेन्द्र रॉय हुगली
असित मजूमदार* कालिघाट तृणमूल के हुगली जिला अध्यक्ष हैं। और वो चुंचुड़ा के पूर्व विधायक भी हैं।
31 मई को चुंचुड़ा थाने ने असित मजूमदार को गिरफ्तार किया था। करीब 20 दिन हुगली जेल में बंद रहने के बाद उन्हें रिहा किया गया।
जेल में बिताए दिन कैसे थे। उसपर असित मजूमदार ने एक किताब लिखी है
बुधवार शाम असित मजूमदार ने *प्रेस क्लब ऑफ हुगली* के सभागार में किताब का औपचारिक विमोचन किया।
असित ने कहा, "मैं बहुत सालों से राजनीति कर रहा हूं। पहले भी विरोधी राजनीति की है लेकिन जेल नहीं जाना पड़ा। इस बार आंदोलन करने के कारण जेल जाना पड़ा। बाद में वसूली और बलात्कार की कोशिश का मामला भी जोड़ दिया गया।
जेल के दिन बहुत कष्टदायक थे। वही अनुभव मैंने इस किताब में लिखा है।
नेत्री ममता बनर्जी ने भी कई किताबें लिखी हैं। लेकिन इस किताब के बारे में उन्हें नहीं बताया गया है।
फेसबुक पर किताब का कवर डालते ही 3.5 लाख से ज्यादा व्यूज आ गए हैं।
आगे भी और किताबें लिखने की इच्छा है।
साथ ही सक्रिय राजनीति भी चलती रहेगी। सड़क पर उतरकर। रास्ता ही रास्ता दिखाएगा। और अनुभव किताब में लिखा रहेगा।"
पूर्व विधायक के जेल के अनुभव पर किताब लिखने को लेकर चुंचुड़ा के मौजूदा बीजेपी विधायक *सुबीर नाग* ने तंज कसते कहा कहा, "तृणमूल सरकार ने जो चोरी-धोखाधड़ी की है, उनके नेता जो बोल रहे हैं उसी पर किताब लिखी जा सकती है। उनके पास अभी कोई काम नहीं है इसलिए किताब लिख रहे हैं, अच्छी बात है।"