नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 में झारखंड को निवेश के मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली। राज्य सरकार ने इस आयोजन के दौरान एक लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा था, जिसमें से लगभग 86 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे झारखंड में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद बढ़ गई है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निवेशकों का स्वागत करते हुए राज्य में उद्योग, आधारभूत संरचना, पर्यटन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार निवेशकों को बेहतर माहौल और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

सम्मेलन के दौरान कई प्रतिष्ठित कंपनियों ने राज्य सरकार के साथ एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए। निवेशकों ने झारखंड की नीतियों और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की इच्छा व्यक्त की।

सरकार का मानना है कि इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने के बाद राज्य में हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने से झारखंड की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।


नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 में झारखंड को निवेश के मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली। राज्य सरकार ने इस आयोजन के दौरान एक लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा था, जिसमें से लगभग 86 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे झारखंड में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद बढ़ गई है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निवेशकों का स्वागत करते हुए राज्य में उद्योग, आधारभूत संरचना, पर्यटन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार निवेशकों को बेहतर माहौल और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

सम्मेलन के दौरान कई प्रतिष्ठित कंपनियों ने राज्य सरकार के साथ एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए। निवेशकों ने झारखंड की नीतियों और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की इच्छा व्यक्त की।

सरकार का मानना है कि इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने के बाद राज्य में हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने से झारखंड की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।