दीपचंद्र दीक्षित, फर्रुखाबाद: फर्रुखाबाद के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। मंधना रेलवे सेक्शन में ट्रैक को ऊंचा उठाने के प्रस्तावित कार्य के चलते दिल्ली और फर्रुखाबाद के बीच चलने वाली महत्वपूर्ण ट्रेन कालिंदी एक्सप्रेस आगामी तीन से चार वर्षों तक फर्रुखाबाद नहीं आ सकेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस अवधि में ट्रेन का संचालन टूंडला मार्ग से कानपुर तक किया जाएगा।
बुधवार को अपर मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) मनोज कुमार ने रेलवे अधिकारियों के साथ मंधना क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद वह विशेष ट्रेन से फर्रुखाबाद पहुंचे और रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत फर्रुखाबाद स्टेशन पर हो रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। एडीआरएम ने कहा कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना रेलवे की प्राथमिकता है।
रेलवे अधिकारियों ने निर्माणाधीन ओवरब्रिज की गुणवत्ता की भी जांच की। हाल ही में बेतवा नदी पर पुल दुर्घटना की घटना को देखते हुए अधिकारियों ने निर्माण सामग्री, तकनीकी मानकों तथा पुल में लगाए जा रहे नट-बोल्ट की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
इसके अलावा मालगोदाम क्षेत्र में बनाए जा रहे रनिंग रूम का भी निरीक्षण किया गया और वहां चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
मीडिया से बातचीत में एडीआरएम मनोज कुमार ने बताया कि मंधना में रेलवे ट्रैक को ऊंचा उठाने का कार्य जल्द शुरू होगा। इस कारण कालिंदी एक्सप्रेस का फर्रुखाबाद तक संचालन संभव नहीं रहेगा और इसे टूंडला होते हुए कानपुर तक संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि यात्रियों और व्यापारिक संगठनों की ओर से आपत्तियां आती हैं तो इस संबंध में उच्च अधिकारियों के स्तर पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
गौरतलब है कि कालिंदी एक्सप्रेस फर्रुखाबाद और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों की जीवनरेखा मानी जाती है। व्यापारियों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों के लिए यह सबसे सुविधाजनक रेल सेवा है। पिछले कुछ समय से ट्रेन के संचालन को लेकर चर्चाएं चल रही थीं, जिसके बाद विभिन्न व्यापारी संगठनों ने रेलवे अधिकारियों और सांसद को ज्ञापन सौंपकर ट्रेन का संचालन जारी रखने की मांग भी की थी।
अब रेलवे अधिकारियों के ताजा बयान के बाद जिले के यात्रियों और व्यापारिक वर्ग में चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि कालिंदी एक्सप्रेस कई वर्षों तक फर्रुखाबाद नहीं आएगी तो दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा और इसका सीधा असर व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ेगा।
निरीक्षण के दौरान स्टेशन प्रबंधक सहित रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। रेलवे प्रशासन का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद रेल संचालन और अधिक सुरक्षित एवं सुगम होगा, लेकिन फिलहाल कालिंदी एक्सप्रेस के मार्ग परिवर्तन से फर्रुखाबाद के यात्रियों की परेशानियां बढ़ना तय माना जा रहा है।