BRICS Summit 2026: BRICS शिखर सम्मेलन 2026 में चार प्रमुख विषयों—लचीलापन (Resilience), इनोवेशन (Innovation), सहयोग (Cooperation) और सस्टेनेबिलिटी (Sustainability)—पर विशेष जोर रहेगा। इन्हीं चार आधारों के इर्द-गिर्द सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं और संभावित फैसलों की दिशा तय होगी।

मजबूत और टिकाऊ सिस्टम बनाने पर जोर

समिट का एक प्रमुख उद्देश्य बदलती वैश्विक परिस्थितियों और चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत और अनुकूलनशील व्यवस्था तैयार करना है। इसके जरिए BRICS देश आर्थिक और सामाजिक स्तर पर अपनी क्षमता को मजबूत करने तथा भविष्य के संकटों के प्रति तैयार रहने पर चर्चा करेंगे।

नई तकनीक और इनोवेशन को मिलेगा बढ़ावा

BRICS देश नई तकनीकों, नए विचारों और आधुनिक समाधानों को बढ़ावा देने पर भी मंथन करेंगे। तकनीकी प्रगति को आर्थिक विकास से जोड़ते हुए ऐसे इनोवेशन पर जोर दिया जाएगा, जिनका व्यापक स्तर पर इस्तेमाल किया जा सके।

साझा लक्ष्यों के लिए सहयोग पर फोकस

समिट में सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर भी चर्चा होगी। साझा चुनौतियों के समाधान के लिए जानकारी, अनुभव और बेहतर तौर-तरीकों (Best Practices) को साझा करने की दिशा में कदम उठाए जाने पर जोर रहेगा।

विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण

सस्टेनेबिलिटी भी BRICS समिट का अहम मुद्दा होगी। आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के बीच संतुलन बनाने पर चर्चा होगी। लक्ष्य ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।

वैश्विक मुद्दों पर बनेगी साझा रणनीति

BRICS समिट में सदस्य देशों के नेता वैश्विक चुनौतियों और अवसरों पर विचार-विमर्श करेंगे। चर्चाओं में आर्थिक विकास, तकनीकी प्रगति, पर्यावरण सुरक्षा और सामाजिक विकास जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।

समिट को आम समस्याओं के समाधान के लिए साझा रणनीति तैयार करने और नए समाधानों को अपनाने के मंच के रूप में देखा जा रहा है। सम्मेलन से जुड़े फैसलों और पहलों का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और समाज पर लंबे समय तक पड़ने की उम्मीद है।