नई दिल्ली: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शनिवार सुबह नई दिल्ली पहुंचे। भारत मौजूदा BRICS अध्यक्ष के तौर पर शनिवार और रविवार को इस महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है।

लगातार तीसरे साल होगी मोदी-शी की मुलाकात

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग के मुताबिक, कजान और तियानजिन के बाद यह लगातार तीसरा साल है जब प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी की मुलाकात हो रही है। उन्होंने कहा कि चीन भारत के साथ अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से आगे बढ़ाना चाहता है।

माओ निंग के अनुसार, दोनों देश संवाद को मजबूत करने, मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाने और एक-दूसरे की प्रगति में सहयोगी साझेदार बनने की दिशा में काम करेंगे।

LAC से व्यापार तक कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

मोदी-शी वार्ता में दोनों देशों के बीच संबंधों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

सीमा और LAC: वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव कम करने, सैन्य बलों की वापसी और सीमा क्षेत्रों में लंबे समय तक शांति बनाए रखने पर बातचीत हो सकती है।

व्यापार और निवेश: भारत-चीन के बीच व्यापार असंतुलन कम करने, भारतीय उत्पादों की चीन के बाजार तक पहुंच बढ़ाने और व्यापार से जुड़े प्रतिबंधों पर भी चर्चा संभव है।

सीधी उड़ान और कनेक्टिविटी: दोनों देशों के बीच Direct Flights दोबारा शुरू करने, वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने और कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े मुद्दे भी बातचीत का हिस्सा बन सकते हैं।

वैश्विक हालात और BRICS: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच सप्लाई चेन को मजबूत करने और Global South के हितों को आगे बढ़ाने में BRICS की भूमिका पर भी दोनों नेता विचार-विमर्श कर सकते हैं।