दीपचंद्र दीक्षित, फर्रुखाबाद

फर्रुखाबाद। समाजवादी पार्टी ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को आवास विकास स्थित होटल हिंदुस्तान के सभागार में विश्वकर्मा समाज एवं समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा ने कार्यकर्ताओं से संवाद कर जिले की राजनीतिक स्थिति का फीडबैक लिया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला सचिव शिवशंकर शर्मा ने किया, जबकि संचालन ओमप्रकाश शर्मा ने किया। बैठक की जानकारी देते हुए सपा जिला प्रवक्ता राधेश्याम सविता ने बताया कि पार्टी नेतृत्व आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने में जुटा है।
बैठक को संबोधित करते हुए रामआसरे विश्वकर्मा ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन में जातिवाद और भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि किसान, व्यापारी, छात्र, नौजवान और महिलाएं सरकार की नीतियों से परेशान हैं तथा महंगाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता वर्ष 2027 में बदलाव का मन बना चुकी है और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदेश में पीडीए सरकार बनने जा रही है।
उन्होंने गाजीपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि न्याय की मांग करने वालों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
बैठक में सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि फर्रुखाबाद समाजवादी विचारधारा की ऐतिहासिक भूमि रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 की तरह 2027 में भी पार्टी जिले की सभी विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, प्रदेश सचिव सर्वेश अंबेडकर, प्रदेश सचिव मंदीप यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम फारुकी, जिला महासचिव इलियास मंसूरी, वरिष्ठ नेता डॉ. जेपी वर्मा, भोजपुर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव सहित कई नेताओं ने अपने विचार रखे।
बैठक में जिला उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र यादव, यूनिस अंसारी, बीना शर्मा, पवन कठेरिया, विशाल राठौर, प्रशांत राठौर, रजत क्रांतिकारी, चंद्रेश राजपूत, अर्चित शर्मा, शिवम पटेल, मुकेश शर्मा समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैठक के दौरान संगठन विस्तार, बूथ स्तर पर मजबूती और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर भी चर्चा की गई। समाजवादी पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव पहुंचकर जनता के बीच पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को पहुंचाने का आह्वान किया।