दिनेश कुमार रजक/रफ्तार मीडिया संवाददाता/चित्तरंजन

प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती, इसे सच कर दिखाया है चित्तरंजन के स्ट्रीट नंबर-43 के रहने वाले युवा क्रिकेटर रोहित कुमार ने। गेंदबाजी ऑलराउंडर रोहित ने बंगाल क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट बंगाल प्रो टी-20 लीग 2026 के फाइनल में पहुंचकर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। टूर्नामेंट में श्राची राढ़ टाइगर्स का प्रतिनिधित्व कर रहे रोहित का चित्तरंजन के संडे क्लब मैदान से कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स तक का सफर क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।

बल्ले और गेंद से मचाया धमाल

रोहित ने पूरे टूर्नामेंट में अपने हरफनमौला खेल से विरोधियों को पस्त किया। टीम को फाइनल तक पहुंचाने में उनकी निर्णायक भूमिका रही, जिसके लिए उन्हें टूर्नामेंट में तीन बार मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया। दाएं हाथ के इस प्रतिभावान बल्लेबाज और घातक गेंदबाज ने मुश्किल परिस्थितियों में टीम के लिए संकटमोचक का काम किया।

संघर्ष से सफलता का सफर

इंदर कुमार और सुजाता देवी के पुत्र रोहित ने बचपन से ही संडे क्लब में कड़ा अभ्यास कर अपनी तकनीक को निखारा। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरे चित्तरंजन में जश्न का माहौल है। रोहित ने बचपन के सपने को अपनी मेहनत से सच कर दिखाया है। यह पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है। प्रियत कुमार रोहित के बड़े भाई एवं भाजपा चित्तरंजन मंडल महासचिव, भाजपा नेता अभिषेक सिंह और पूर्व मंडल अध्यक्ष शंकर तिवारी सहित स्थानीय खेल प्रेमियों ने रोहित को बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि स्ट्रीट नंबर-43 का यह चमकता सितारा जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन करेगा।