सौरभ राय/रफ्तार मीडिया

रांची: जामताड़ा में हुई घटना ने राज्य में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। बता दे, राज्य की मुख्य विपक्षी दल भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सोमवार को प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान राज्य सरकार पर पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि जामताड़ा में एक प्रसूता की कथित लापरवाही से हुई मौत के मामले में न्याय की मांग करने वाले भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने धमकाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में लोकतंत्र नहीं, बल्कि तानाशाही चल रही है।

भाजपा नेताओं के घर पुलिस भेजकर परिजनों से बदसलूकी का लगाया आरोप

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सरकार ने लोकतांत्रिक विरोध का जवाब देने के बजाय जामताड़ा भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित शरण एवं अन्य नेताओं के घर पुलिस भेजकर उनके परिजनों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि जिस सरकार को प्रसूता रीना देवी की मौत के मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी, वह न्याय की मांग करने वालों पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जामताड़ा पुलिस स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के इशारों पर काम कर रही है और उसे निष्पक्ष होकर कानून के अनुसार कार्य करना चाहिए।

डीजीपी ने प्रदेश अध्यक्ष का फोन नहीं उठाया : प्रतुल

वहीं, भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने इस मामले में झारखंड की डीजीपी से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनका फोन नहीं उठाया गया और संदेश का भी जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि एक सांसद का अपना संवैधानिक प्रोटोकॉल होता है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को संविधान और कानून के दायरे में काम करना चाहिए, किसी सरकार का "टूलकिट" बनकर नहीं।

बीएनएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस दिया जा सकता था

प्रतुल शाहदेव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि पुलिस को भाजपा नेताओं से पूछताछ करनी थी, तो भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी कर उन्हें बुलाया जा सकता था। इसके बजाय घरों पर छापेमारी करना यह दर्शाता है कि सरकार विपक्ष को डराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि यदि भाजपा नेताओं पर अस्पताल में तोड़फोड़ का आरोप लगाया जा रहा है, तो सरकार संबंधित सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है।

निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो सड़क पर उतरेगी भाजपा

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि भाजपा इस मामले में पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने प्रसूता की मौत की निष्पक्ष जांच, लापरवाही के लिए जिम्मेदार चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा भाजपा नेताओं पर कथित राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई तत्काल बंद करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा राज्यभर में सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।