नारायणपुर पुलिस विभाग के द्वारा कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम और नक्सल घटनाओं पर स्थानीय पत्रकारों ने उपेक्षा का आरोप लगाया है. नारायणपुर जिले के अलग अलग इलेक्ट्रानिक मीडिया संस्थानों के स्थानीय पत्रकारों ने नारायणपुर के अबूझमाड़ ग्राम घमंडी क्षेत्र में हुए पुलिस नक्सली मुठभेड़ पर आयोजित पुलिस अध्क्षक द्वारा बुलाए प्रेस कांफ्रेंस का सीधा विरोध कर किया है. पत्रकारों के विरोध के चलते प्रेस वार्ता खाना पूर्ति मात्र रही है. बता दें अबूझमाड़ के ग्राम घमंडी में हुए पुलिस नक्सली मुठभेड़ जिसमें पांच वर्दी धारी मावोवादियों को मार गिराने का पुलिस दावा कर रही है. इसी संदर्भ में नारायणपुर के सिटी कोतवाली में मौजूद पुलिस मेस में पत्रकार वार्ता रखी गई थी जहां ऑपरेशन में शामिल जिलों के पुलिस अध्क्षक और बस्तर आईजी सुंदरराज पी द्वारा मीडिया को पूरे घटना पर ब्रीफ किया जाना था. लेकिन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों का आरोप है कि अक्सर नक्सली मामले पर संस्थानों में कार्यरत टीम का प्रेशर ब्रेकिंग और सुरक्षा को लेकर स्थानीय पत्रकारों पर होता है पर पुलिस के गैर जिम्मेदाराना रवैये और स्थानीय पत्रकारों की अपेक्षा करते हुए बाहरी पत्रकारों को संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराते हैं. जिससे स्थानीय पत्रकार नाराज चल रहे हैं. साथ ही एसे मौकों पर पुलिस विभाग के कोई भी आला अधिकारी फोन उठाने की जहमत भी नहीं उठाते. इस प्रकार के कई मुद्दों को लेकर पहले भी पत्रकारों ने नारायणपुर जिला पुलिस अध्क्षक सहित विभागीय अधिकारी कर्मचारियों को अवगत करवाया था लेकिन इस दिशा में कोई भी पहल ना होता देख अब पत्रकार बहिष्कार की राह पर निकल पड़े है. जिसके अंतर्गत पत्रकारों ने आज पुलिस की WhatsApp सूचना ग्रुप का बहिष्कार किया और प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी बहिष्कार कर दिया. मामले के बाद से किसी भी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा पत्रकारों से वार्तालाप या अन्य माध्यम से समस्या का हल निकालने में कोई दिलचस्पी नही दिखाई है. ऊपेक्षित इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पत्रकार अब मामले पर लिखित शिकायत गृह मंत्री और मुख्यमंत्री से करने की बात कर रहे हैं.