राजन मंडल / रफ्तार मीडिया  संवाददाता करमाटांड़ 

करमाटांड़ प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में रविवार को किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, विशेषकर महिला कृषकों को सरकार की कृषि योजनाओं तथा आधुनिक खेती की तकनीकों के प्रति जागरूक करना था। गोष्ठी में बड़ी संख्या में महिला कृषक दीदियों ने भाग लिया।कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के प्रतिनिधियों ने महिलाओं को मिलेट मिशन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया गया कि सरकार मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। सीयोजना के तहत मिलेट फसल लगाने पर किसानों को प्रति एकड़ तीन हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।इसके लिए किसानों को पंजीकरण कराने की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की भी जानकारी दी गई। गोष्ठी में मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व पर भी चर्चा की गई। किसानों को बताया गया कि समय-समय पर मिट्टी की जांच कराने से खेत की उर्वरता का सही आकलन होता है, जिससे आवश्यक पोषक तत्वों की जानकारी मिलती है और संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से पारंपरिक फसलों के साथ-साथ मोटे अनाज की खेती अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मिलेट की खेती कम लागत, कम पानी और बेहतर पोषण के कारण किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। कार्यक्रम के अंत में किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई।