सरायकेला: सरायकेला जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर करीब 60 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत आठ विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। इस अवसर पर जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो, जिला परिषद सदस्य शंभू मंडल स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।शिलान्यास के साथ ही संबंधित पंचायतों में विकास कार्यों के जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।शिलान्यास की गई योजनाओं में गोबिंदपुर पंचायत के पांडुआ नायक टोला में स्नान घाट निर्माण, मुडकुम पंचायत के प्रधानडी में पेवर ब्लॉक पाथ निर्माण, पठानमारा पंचायत के बलतबांध में जलमीनार निर्माण, बड़ाकांकड़ा पंचायत के बड़ाकांकड़ा गांव में पीसीसी पाथ निर्माण तथा नवागांव पंचायत के रुगड़ीसाईं में पीसीसी पाथ निर्माण सहित कुल आठ विकास योजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से ग्रामीणों को बेहतर आवागमन, पेयजल सुविधा और आधारभूत संरचना का लाभ मिलेगा।शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने कहा कि जिला परिषद का बीता पांच वर्षीय कार्यकाल विकास के लिहाज से स्वर्णिम रहा है। इस दौरान जिले के विभिन्न पंचायतों में सैकड़ों विकास योजनाओं को धरातल पर उतारा गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ।उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण योजनाओं को समय पर पूरा करने का प्रयास किया गया, लेकिन विभागीय उदासीनता और ढुलमुल रवैये के कारण कुछ योजनाओं की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो सकी। इसके बावजूद जिला परिषद विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार प्रयासरत रही।सोनाराम बोदरा ने भरोसा दिलाया कि चुनाव से पहले सभी लंबित योजनाओं को हरसंभव पूरा कराया जाएगा। यदि किसी कारणवश कुछ कार्य शेष रह जाते हैं तो अगले कार्यकाल में उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास जिला परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और भविष्य में भी विकास की यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।