दुमका जिला के मसलिया प्रखण्ड में मनरेगा के तहत विकास योजनाओं के सटीक चयन और ग्रामीण विकास की रूपरेखा तय करने के लिए दलाही पंचायत के अगैयाजोरी गांव में युक्तधारा के माध्यम से जीआईएस आधारित ग्राम सभा का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता पंचायत के मुखिया जगदीश और ग्राम प्रधान मटरु मुर्मू ने की। उन्होंने ग्रामीणों को भौगोलिक सूचना प्रणाली आधारित योजना चयन की आधुनिक प्रक्रिया और उसके महत्व की विस्तार से जानकारी दी।इस विशेष ग्राम सभा में “जल पर्याप्त गांव” की अवधारणा पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को बताया कि जल सुरक्षा के क्षेत्र में गांव को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना पहली प्राथमिकता है। इसके लिए वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण, तालाबों व पारंपरिक जलस्रोतों के पुनर्जीवन, भूमि उपचार और प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर चुना जाएगा। स्थानीय आवश्यकताओं और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार आजीविका बढ़ाने वाली ढांचागत योजनाओं पर भी सहमति बनी।कार्यक्रम की दूसरी सबसे बड़ी विशेषता महिलाओं की भागीदारी और उनके नेतृत्व को बढ़ावा देना रही। महिला मंडल की सदस्यों की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए विकास योजनाओं में महिलाओं की प्राथमिकताओं पर विशेष बल दिया गया। चर्चा में यह बात सामने आई कि पोषण वाटिका, जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन और सामुदायिक संपत्तियों के निर्माण जैसे कार्यों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से योजनाओं का प्रभाव अधिक टिकाऊ और व्यापक होगा। महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया।इस महत्वपूर्ण ग्राम सभा में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए। मौके पर बीपीओ कन्हैया लाल झा, गीता कुमारी टुडू, कनीय अभियंता सिकंदर मुर्मू, राकेश टुडू, प्रदान संस्था के धीरेंद्र कुमार और वार्ड सदस्य बिटीनी सोरेन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।