ओम प्रकाश तिवारी
मोतिहारी/पताही। पूर्वी चंपारण जिले के पताही प्रखंड अंतर्गत पदुमकेर पंचायत स्थित ऐतिहासिक घुड़दौड़ पोखर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना अब सवालों के घेरे में है। बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग द्वारा 930.54 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत इस परियोजना का निर्माण कार्य लगभग एक वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और वे जल्द कार्य पूरा कराने की मांग कर रहे हैं।
23 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस परियोजना का उद्घाटन किया था। योजना के तहत पोखर की उड़ाही, तटबंध निर्माण, सौंदर्यीकरण, सड़क, हरियाली, बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था सहित पर्यटन से जुड़ी कई सुविधाएं विकसित की जानी थीं। लेकिन उद्घाटन के बाद भी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं हो पाया।
ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जबकि कुछ हिस्सों में लंबे समय से काम पूरी तरह बंद है। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद धरातल पर अपेक्षित प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।
बाइट – स्थानीय ग्रामीण
ग्रामीणों के अनुसार, अनुमंडल पदाधिकारी मंगला कुमारी के निरीक्षण के बाद कुछ दिनों तक निर्माण कार्य में तेजी आई थी, लेकिन उसके बाद फिर काम की रफ्तार धीमी पड़ गई। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग और कार्य एजेंसी की लापरवाही के कारण यह महत्वपूर्ण परियोजना समय पर पूरी नहीं हो सकी।
ओहि
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय-समय पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की नियमित निगरानी होती, तो आज यह स्थिति नहीं होती। उनका मानना है कि करोड़ों रुपये की योजना का लाभ अभी तक आम लोगों को नहीं मिल पाया है।
इस बीच जानकारी मिली है कि परियोजना क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि के मालिकों को मुआवजे की राशि शिबिर के माध्यम से दी जाएगी। संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद भूमि संबंधी बाधाएं दूर होने की उम्मीद है, जिससे शेष निर्माण कार्य में तेजी आ सकती है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराते हुए निर्माण कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और परियोजना को शीघ्र पूरा कर जनता को पर्यटन स्थल का लाभ उपलब्ध कराया जाए।
गौरतलब है कि शिलान्यास पट्टिका पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं विजय कुमार सिन्हा, मंत्री विजय कुमार चौधरी, सुनील कुमार और कृष्णानंद पासवान सहित कई जनप्रतिनिधियों के नाम अंकित हैं। अब लोगों की निगाह जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई और परियोजना के शीघ्र पूरा होने पर टिकी हुई है।