पट्टाली मक्कल काची (PMK) के संस्थापक और दिग्गज नेता एस. रामदास आज दिल्ली स्थित चुनाव आयोग पहुँचे और अपने बेटे डॉ. अंबुमणि रामदास के खिलाफ आयोग से कानूनी और चुनावी कार्रवाई की मांग की। रामदास ने आरोप लगाया है कि अंबुमणि ने पार्टी अध्यक्ष के रूप में अपने आप को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और एआईएडीएमके के साथ अवैध चुनावी गठबंधन किया, जबकि उनके पास ऐसा करने का अधिकार नहीं था।
रामदास ने चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों को लिखे अपने पत्र में कहा कि अंबुमणि का पीएमके अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल 28 मई 2025 को समाप्त हो चुका है, उसके बाद उन्हें अध्यक्ष पद का कोई वैध अधिकार नहीं मिला था। इसके बावजूद अंबुमणि ने खुद को पार्टी का अध्यक्ष बताकर राजनीतिक फैसले लिए हैं, जो फ्रॉड और भ्रामक है।
रामदास ने कहा कि इस तरह के दावों और गठबंधन को अवैध घोषित किया जाना चाहिए और इसके खिलाफ नागरिक एवं आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आयोग से अपील की कि अंबुमणि और अन्य संबंधित पर आवश्यक जांच शुरू की जाए और पार्टी के वास्तविक नेतृत्व को मान्यता दी जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं 17 दिसंबर 2025 से पीएमके के नए अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाल चुके हैं और पार्टी के निर्णयों में संपूर्ण वैधता है। रामदास ने एआईएडीएमके के साथ गठबंधन का दावा पूरी तरह से अनधिकृत बताया है और चुनाव आयोग से इस विषय में कड़े निर्णय की अपेक्षा जताई है।
यह विवाद पिता और पुत्र के बीच लंबे समय से जारी नेतृत्व संघर्ष का हिस्सा है, जिसमें पिछले कुछ महीनों में कई राजनीतिक और कानूनी मोड़ आए हैं। यह मुद्दा पार्टी के अंदर गंभीर विभाजन का रूप ले चुका है, जिससे तमिलनाडु की राजनीति में हलचल बनी हुई है।