सौरभ राय/ रफ्तार मीडिया
रांची: समाज में दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जनजागरण और जरूरतमंद परिवारों को सहारा देने के उद्देश्य से नारी शक्ति सेना ने रविवार को रातू रोड स्थित रॉयल पैलेस, लहकोठी में 41 गरीब एवं असहाय युवक और युवतियों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया। इस आयोजन में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए वर वधू ने वैदिक रीति रिवाजों के साथ सात फेरे लेकर नए जीवन की शुरुआत की।कार्यक्रम में विवाह की सभी आवश्यक सामग्री, वस्त्र, श्रृंगार सामग्री, घरेलू उपयोग के सामान तथा उपहार नारी शक्ति सेना की ओर से नि:शुल्क उपलब्ध कराए गए। विवाह समारोह में नवदंपतियों के परिजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर उन्हें आशीर्वाद दिया।
*नारी शक्ति सेना द्वारा दस वर्षों से कराया जा रहा है सामूहिक विवाह का आयोजन*
नारी शक्ति सेना की केंद्रीय अध्यक्ष सुचिता तिवारी ने कहा कि दहेज प्रथा आज भी समाज के लिए एक गंभीर अभिशाप बनी हुई है। इसके कारण अनेक परिवार आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करते हैं तथा महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं भी सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ संगठन पिछले दस वर्षों से लगातार सामूहिक विवाह का आयोजन कर रहा है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह हो सके और समाज में दहेज मुक्त विवाह को बढ़ावा मिले।
उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव का अभियान है।
*युवाओं से अपील दहेज के बिना करे विवाह*
नारी शक्ति सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की सोच बदलने की आवश्यकता है। महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान तभी मिलेगा, जब दहेज जैसी कुरीतियों का पूरी तरह बहिष्कार किया जाएगा। उन्होंने युवाओं से बिना दहेज विवाह करने का संकल्प लेने की अपील की।इस अवसर पर मार्ग संस्था के सचिव संजय कुमार, नेहा सिंह, सुरेंद्र चौहान, रिया कुमारी, संगीता तिर्की, गीता तिर्की, नीलम शर्मा, पिया बर्मन, मंजीत कौर, सुमति देवी, आशा भारती, अनुज शर्मा, समुंद्री देवी सहित नारी शक्ति सेना के कई पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समारोह में सभी ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए दहेज मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया।