राजन साहू /कानपुर:कानपुर बार एसोसिएशन ने बुधवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुँचकर एक अत्यंत संवेदनशील मामले में त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह मामला भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान विकास की माता से कथित चिकित्सीय लापरवाही से जुड़ा है, जिसके चलते उन्हें एक निजी अस्पताल में अपना हाथ गँवाना पड़ा। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पुलिस आयुक्त को सौंपे ज्ञापन में बताया कि पीड़िता का उपचार कृष्णा हॉस्पिटल, कानपुर में हुआ, जहाँ गलत इलाज और लापरवाही के कारण यह हृदयविदारक घटना सामने आई। एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने आईटीबीपी जवान और उसके परिवार से मुलाकात कर उनकी पीड़ा को करीब से समझा।
एसोसिएशन का कहना है कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों के साथ यह व्यवहार शर्मनाक है। ज्ञापन में यह भी गंभीर चिंता जताई गई कि इस अस्पताल के खिलाफ पहले भी कोविड-19 काल समेत कई शिकायतें आ चुकी हैं। बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि मामले में सिर्फ डॉक्टरों और स्टाफ ही नहीं, बल्कि अस्पताल के स्वामियों और प्रबंधन को भी उत्तरदायी ठहराया जाना चाहिए।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर निम्नलिखित मांगें रखीं:
1. मामले की फास्ट ट्रैक जांच कराई जाए।
2. उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच समिति का गठन किया जाए।
3. दोषी चिकित्सकों, कर्मचारियों और प्रबंधन के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
4. पीड़ित परिवार को तत्काल न्याय और उचित मुआवजा दिलाया जाए।
5. भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाए जाएं।
बार एसोसिएशन के महामंत्री विनय कुल्यांनी मिश्रा ने इस मौके पर कहा, “अस्पताल सेवा और मानवता के केंद्र होते हैं, सिर्फ मुनाफा कमाने के केंद्र नहीं। अगर जांच में लापरवाही साबित होती है, तो संचालकों को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए। यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था में जनता के विश्वास का है। पुलिस आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल, पूरे अधिवक्ता समाज और पीड़ित परिवार को प्रशासन से सख्त कार्रवाई की उम्मीद है। इस मौके पर एडवोकेट मनोज द्विवेदी एडवोकेट हरिओम पांडे एडवोकेट दिव्या तिवारी, एडवोकेट बुद्ध प्रकाश गुप्ता अधिवक्ता साथी मौजूद रहे।