संवाददाता: राजन साहू
कानपुर। मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन एफएसडीए ने बुधवार को रामादेवी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने गांधीग्राम स्थित मेसर्स दर्शन ट्रेडिंग कंपनी नामक फ्लोर मिल पर छापा मारकर लगभग 1.50 लाख रुपये का आटा स्टॉक सीज कर दिया।
आरोप है कि मिल संचालक अन्य जनपदों से सस्ता आटा खरीदकर उसे अपने 'दर्शन' ब्रांड में पैक कर बाजार में बेच रहे थे।
सहायक आयुक्त खाद्य संजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में पहुंची एफएसडीए की टीम ने मिल का गहन निरीक्षण किया। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। टीम ने पाया कि विभिन्न कंपनियों के ब्रांडेड आटे के पैकेट खोलकर उसी आटे को दोबारा 'दर्शन' ब्रांड के कट्टों में भरा जा रहा था।
इसके अलावा कई पैकेटों पर बैच नंबर, निर्माण तिथि और एक्सपायरी तिथि भी अंकित नहीं थी। परिसर में साफ-सफाई का अभाव था और खाद्य पदार्थों का रखरखाव भी तय मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। मौके पर कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र, खाद्य लाइसेंस और खरीद-बिक्री के अभिलेख भी नहीं दिखाए गए।
निरीक्षण के दौरान परिसर से लगभग 3000 किग्रा 'श्री भोग' ब्रांड आटा, 'आटा चक्की फ्रेश' के पैक, 100 किग्रा 'दर्शन' ब्रांड आटा और 200 किग्रा चावल का आटा बरामद हुआ। विभाग को आशंका है कि चावल के आटे का उपयोग गेहूं के आटे में अपमिश्रक के रूप में कर मिलावट की जा रही थी।
टीम ने मौके से गेहूं के आटे के 4 और अपमिश्रक का 1 नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। बिना लेबल और मानक विहीन पूरे स्टॉक को मौके पर ही सीज कर दिया गया। सीज किए गए माल की अनुमानित कीमत 1.50 लाख रुपये बताई जा रही है।
सहायक आयुक्त संजय प्रताप सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर जनपद में मिलावट के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मिलावट और भ्रामक पैकेजिंग करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।