मोतिहारी/पताही | संवाददाता

पूर्वी चंपारण जिले के पताही प्रखंड अंतर्गत पदुमकेर गांव में किसान मजदूर विकास संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के किसानों ने कृषि एवं राजस्व विभाग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उनके समाधान के लिए प्रखंड एवं जिला प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की।

बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष नवलकिशोर सिंह ने की, जबकि संचालन हरि किशोर सिंह ने किया। बैठक में उपस्थित किसानों ने आरोप लगाया कि प्रखंड क्षेत्र में यूरिया खाद निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेची जा रही है। साथ ही जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार, कृषि सिंचाई के लिए बिजली उपभोक्ता बनने के बावजूद पर्याप्त सुविधा नहीं मिलने तथा पैक्स के माध्यम से फसल बीमा में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

समिति के अध्यक्ष नवलकिशोर सिंह ने कहा कि किसानों की सभी समस्याओं को बिंदुवार संकलित कर प्रखंड और जिला प्रशासन को लिखित आवेदन सौंपा जाएगा। उन्होंने प्रशासन से समयबद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो किसान मजदूर विकास संघर्ष समिति चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने को विवश होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक तंत्र की होगी।

बैठक में उपस्थित किसानों ने कहा कि कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्र में किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान होना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने, दाखिल-खारिज प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा फसल बीमा संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

बैठक में शशिभूषण शर्मा, मणिकांत तिवारी, हृदय नारायण झा, श्रवण कुमार गुप्ता, मोदीलाल साह, राजीव रंजन राय, हरि किशोर सिंह, विश्वनाथ सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

बैठक के अंत में किसान मजदूर विकास संघर्ष समिति ने किसानों के अधिकारों की रक्षा तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

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