सौरभ राय/ रफ्तार मीडिया विशेष संवाददाता

रांची:राजधानी रांची में भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक 335वीं रथयात्रा को लेकर उत्साह अपने चरम पर पहुंच चुकी है। 15 दिनों के एकांतवास  के बाद कल भगवान जगन्नाथ स्वामी अपने भक्तों को दर्शन देंगे। इस विशेष अनुष्ठान को 'नेत्रदान' कहा जाता है, जिसके बाद गुरुवार यानी 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ भव्य रथ पर सवार होकर मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे।रथयात्रा को लेकर जगन्नाथपुर मंदिर और पूरे मेला परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिर परिसर में अंतिम चरण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर न्यास समिति ने सुरक्षा, यातायात, साफ सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं।


परम्परा के साथ कल  महाप्रभु जगन्नाथ का नेत्रदान महोत्सव

जगन्नाथ मंदिर के प्रथम सेवक एवं जगन्नाथ मंदिर न्यास समिति के उपाध्यक्ष सुधांशुनाथ शाहदेव ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूरे विधि विधान के साथ भगवान जगन्नाथ की पूजा की जाएगी। उन्होंने कहा परम्परा के अनुसार बुधवार को 15 दिन के एकांतवास के बाद कल महाप्रभु जगन्नाथ का नेत्रदान महोत्सव शाम 4 बजे होगा।  महाप्रभु जगन्नाथ 14 दिन के एकांतवास के बाद दर्शन मंडप में भक्तों को दर्शन देने आएंगे। नए वस्त्र धारण करेंगे। उनके नेत्र का श्रृंगार किया जाएगा। शंख व पद्म अपने हाथ में धारण करेंगे। भगवान को इसके बाद मंगलआरती होगी। महाआरती के बाद भगवान जगन्नाथ को मालपुआ, इलाइची दाना, बादाम, आम, कटहल व अनानस का भोग लगेगा। हजारों भक्तों के बीच भोग का प्रसाद बटेगा। भगवान जगन्नाथ बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के लिए रथ सजधज कर बुधवार को तैयार हो जाएगा। इसी रथ पर सवार हो कर वो अपने मौसी के घर जाएंगे।


335 वर्षों की परंपरा का बनेगा साक्षी रांची

जगन्नाथ मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष एन. एन. पांडे ने बताया कि इस वर्ष रांची की ऐतिहासिक रथयात्रा का 335वां आयोजन हो रहा है। इसे लेकर मंदिर न्यास समिति और जिला प्रशासन ने आपसी समन्वय से सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। उन्होंने कहा कि इस बार श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ साथ सुव्यवस्थित और सुरक्षित वातावरण में रथयात्रा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरे मेला परिसर और रथयात्रा मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे, अतिरिक्त पुलिस बल, निजी सुरक्षा गार्ड, वॉच टावर तथा अन्य निगरानी व्यवस्था की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

 

व्यापारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है रथ मेला

एन. एन. पांडे ने कहा कि रांची का रथ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राज्य के सबसे बड़े पारंपरिक मेलों में से एक है। हर वर्ष झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में व्यापारी यहां अपनी दुकानें लगाने पहुंचते हैं। इससे स्थानीय व्यापार को भी काफी बढ़ावा मिलता है।

20 वर्षों से मेला में दुकान लगा रहे हैं नंद किशोर रजक

रथ मेला में मिठाई की दुकान लगाने पहुंचे व्यापारी नंद किशोर रजक ने बताया कि वे पिछले 20 वर्षों से लगातार रथ मेला में दुकान लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मेले में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे अच्छी बिक्री होती है। पूरे वर्ष व्यापारी इस मेले का इंतजार करते हैं क्योंकि यही उनके कारोबार का सबसे महत्वपूर्ण अवसर होता है।

उपायुक्त ने किया रथयात्रा मार्ग और मौसीबाड़ी का निरीक्षण

रथयात्रा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित अधिकारियों के साथ रथयात्रा मार्ग और मौसीबाड़ी परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन, पुलिस अधीक्षक (नगर) पारस राणा, सदर अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रजत, अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था) धनंजय, डीएसपी हटिया नीरज कुमार, संबंधित थाना प्रभारी तथा मंदिर समिति के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे रथयात्रा मार्ग को पूरी तरह समतल बनाया जाए तथा कहीं भी कंकड़, गड्ढे या अन्य अवरोध नहीं रहने चाहिए ताकि रथ संचालन और श्रद्धालुओं की आवाजाही में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

अतिक्रमण हटाने और बिजली के तारों को सुरक्षित करने के निर्देश

रांची उपायुक्त द्वारा रथयात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को तत्काल हटाने और आयोजन अवधि तक मार्ग को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त रखने का निर्देश दिया गया। उन्होंने बिजली विभाग को मार्ग के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों को हटाने अथवा सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। वहीं,उन्होंने श्रद्धालुओं से मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल आयोजन के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।

मौसीबाड़ी में बेहतर टेंट और मूलभूत सुविधाओं के निर्देश

मौसीबाड़ी परिसर का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने टेंट व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

एसएसपी ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की

वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सभी पुलिस वॉच टावरों को पूरी तरह कार्यशील रखने तथा प्रत्येक वॉच टावर पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को यह भी कहा कि सड़क के डिवाइडर पर किसी भी प्रकार की दुकान नहीं लगने दी जाए ताकि यातायात और भीड़ नियंत्रण प्रभावित न हो।