सौरभ राय/ रफ्तार मीडिया
रांची: राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के झारखंड क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय आम महोत्सव 2026 का समापन रविवार को हो गया। बता दें,19 से 21 जून तक आयोजित इस महोत्सव में उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ी और 100 टन से अधिक आमों की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई। तीन दिनों में कुल कारोबार 60 लाख रुपये से अधिक रहा, जो झारखंड के किसानों द्वारा उत्पादित फलों की बढ़ती लोकप्रियता और गुणवत्ता का प्रमाण है।
*ग्राहकों की उमड़ी भीड़, किसानो को हुई फायदा*
आम महोत्सव के दौरान आमों की मांग इतनी अधिक रही कि कई किसान उत्पादक संगठनों और किसान समूहों को अपने सदस्य किसानों के अलावा आसपास के बागानों से भी अतिरिक्त आमों की व्यवस्था करनी पड़ी। औसतन 55 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से हुई बिक्री ने किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाया, जबकि उपभोक्ताओं को प्राकृतिक रूप से उत्पादित ताजे और गुणवत्तापूर्ण आम उपलब्ध हुए।इस अवसर पर दशहरी, मालदा, मल्लिका, लंगड़ा, गुलाबखास, नीलम, अम्रपाली और हिमसागर जैसी लोकप्रिय किस्मों के आम बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए। उपभोक्ताओं ने आमों की गुणवत्ता, स्वाद और ताजगी की खुलकर सराहना की। बड़ी संख्या में ग्राहकों ने दोबारा खरीदारी की तथा कई संस्थानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और परिवारों ने थोक ऑर्डर भी दिए।
*आम महोत्सव किसानों की क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ- दीपमाला घोष*
नाबार्ड झारखंड क्षेत्रीय कार्यालय की मुख्य महाप्रबंधक दीपमाला घोष ने महोत्सव की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन झारखंड के जनजातीय किसानों और किसान उत्पादक संगठनों की क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की सकारात्मक प्रतिक्रिया, लगातार बढ़ती मांग और प्राप्त थोक ऑर्डर इस बात के संकेत हैं कि नाबार्ड समर्थित कृषि गतिविधियों के अंतर्गत उत्पादित फलों की गुणवत्ता बाजार की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरी उतर रही है।उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि निर्यातक, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और निजी क्षेत्र की कंपनियां झारखंड के किसानों द्वारा उत्पादित उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले आमों की ओर ध्यान दें। संग्रहण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और निर्यात के क्षेत्र में निवेश कर किसानों की आय को और अधिक बढ़ाया जा सकता है।
*किसानों ने नाबार्ड के प्रति जताया आभार*
महोत्सव में चुरचू वाड़ी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, भंडरा वाड़ी सीसीडीएस, लोहरदगा, टीएसएफ, सरायकेला खरसावां, होटवार एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड तथा बिरसा मुंडा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड सहित कई किसान उत्पादक संगठनों और किसान समूहों ने भाग लिया। इन संगठनों के प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्हें न केवल उल्लेखनीय बिक्री प्राप्त हुई, बल्कि शहरी उपभोक्ताओं से सीधे संवाद स्थापित करने और नए व्यावसायिक संपर्क बनाने का अवसर भी मिला।सरायकेला खरसावां के किसान सोनाराम सोरेन ने कहा कि ऐसे आयोजनों से किसानों को बिचौलियों पर निर्भर रहने की आवश्यकता कम होती है और उन्हें अपने उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त होता है। वहीं लातेहार के किसान रामेश्वर उरांव ने कहा कि नाबार्ड की यह पहल किसानों को बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन करने और बाजार की जरूरतों के अनुरूप कृषि गतिविधियों को विकसित करने के लिए प्रेरित करती है।
*उपभोक्ताओं को मिली गुणवत्तापूर्ण उत्पाद*
तीनों दिनों तक बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने आम महोत्सव का दौरा किया। कई परिवारों ने घरेलू उपयोग के लिए खरीदारी की, जबकि कई ग्राहकों ने उपहार और संस्थागत जरूरतों के लिए भी बड़ी मात्रा में आम खरीदे। उपभोक्ताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह साबित किया कि किसानों से सीधे प्राप्त प्राकृतिक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।नाबार्ड के अनुसार आम महोत्सव की यह सफलता उसकी जनजातीय विकास एवं किसान उत्पादक संगठन संवर्धन योजनाओं के सकारात्मक परिणामों को दर्शाती है। फलोद्यान आधारित आजीविका कार्यक्रमों, संस्थागत सुदृढ़ीकरण और बेहतर बाजार संपर्कों के माध्यम से झारखंड के हजारों जनजातीय परिवारों को स्थायी आय के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं और वे कृषि मूल्य श्रृंखला में अधिक प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं।