सौरभ राय/ रफ्तार मीडिया
रांची:राजधानी रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर की 335वीं रथ यात्रा महोत्सव को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी 16 जुलाई को आयोजित होने वाली रथ यात्रा को लेकर रविवार को एडीजी मनोज कौशिक के नेतृत्व में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में रांची पुलिस, जिला प्रशासन, श्री जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति, नगर निगम, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान रथ यात्रा मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
रांची के जगन्नाथपुर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर की रथ यात्रा झारखंड की सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध धार्मिक परंपराओं में शामिल है। लगभग 335 वर्ष पुरानी इस रथ यात्रा में झारखंड ही नहीं बल्कि ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
*एडीजी मनोज कौशिक ने दिया दिशा निर्देश*
बैठक को संबोधित करते हुए एडीजी मनोज कौशिक ने कहा कि पिछले वर्ष उन्हें रथ यात्रा में शामिल होने का अवसर मिला था और इस वर्ष भी उसी प्रकार बेहतर समन्वय के साथ आयोजन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष स्वयंसेवकों की भूमिका सराहनीय रही थी। इस बार भी सभी स्वयंसेवकों की सूची पहले से तैयार कर संबंधित पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रत्येक जोन में उनकी प्रभावी तैनाती सुनिश्चित हो सके।उन्होंने निर्देश दिया कि रथ यात्रा के दिन तड़के सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो जाता है। इसलिए पुलिस बल को सुबह से ही पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी पर तैनात रहना होगा। उन्होंने कहा कि रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु पूरी तरह भगवान की भक्ति में लीन रहते हैं, ऐसे में पुलिसकर्मियों को भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष सतर्कता बरतनी होगी।
*रथ मेला के दौरान तीसरी आँख से रखी जाएगी नजर*
एडीजी ने मेले में लगने वाले झूलों और मनोरंजन स्थलों पर तेज ध्वनि में बजने वाले संगीत पर भी नियंत्रण रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अत्यधिक ध्वनि श्रद्धालुओं और सुरक्षा व्यवस्था दोनों के लिए परेशानी का कारण बनती है इसलिए माइकिंग की जानकारी पुलिस की टीम के पास भी हो । इसके अलावा मौसीबाड़ी पहुंचने के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए बैरिकेडिंग और कतारबद्ध दर्शन की समुचित व्यवस्था करने पर जोर दिया गया।बैठक में ट्रैफिक प्रबंधन को भी सबसे महत्वपूर्ण विषयों में शामिल किया गया। एडीजी ने कहा कि पिछले वर्ष एम्बुलेंस और आपातकालीन वाहनों के आवागमन में कुछ कठिनाइयां सामने आई थीं। इस बार ऐसी स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। पार्किंग, वाहनों के प्रवेश एवं निकास मार्ग और आपातकालीन सेवाओं के लिए अलग कॉरिडोर बनाने का निर्देश दिया गया। साथ ही पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने और ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखने की भी योजना बनाई गई।
*335 वर्षों का परम्परा अभी भी है जारी*
जगन्नाथपुर मंदिर के प्रथम सेवक एवं उपाध्यक्ष ठाकुर सुधांशुनाथ शाहदेव ने बताया कि लगभग 335 वर्ष पूर्व बड़कागढ़ के तत्कालीन शासक स्वर्गीय ठाकुर एनीनाथ शाहदेव ने पुरी धाम की तर्ज पर जगन्नाथपुर मंदिर का निर्माण कराया था, ताकि जो श्रद्धालु पुरी नहीं जा सकते, वे रांची में ही भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथ यात्रा का पुण्य प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि उसी समय से शुरू हुई यह परंपरा आज भी पूरी धार्मिक आस्था और विधि विधान के साथ जारी है।उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी मंदिर न्यास समिति द्वारा निजी सुरक्षा गार्डों, स्वयंसेवकों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। समिति प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाकर सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है।
*जिला प्रशासन के दिशा निर्देश का किया जाएगा पालन*
श्री जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति के सदस्य कमल ठाकुर ने बताया कि बैठक में रथ मेला-2026 की सभी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने बताया बैठक में एसएसपी राकेश रंजन, सिटी एसपी पारस राणा, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह, विभिन्न डीएसपी, जगन्नाथपुर, धुर्वा एवं विधानसभा थाना प्रभारी सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी अपनी अपनी तैयारियों की जानकारी दी।
*समन्वय स्थापित कर रथ यात्रा को सफल बनाने के लिए दिया गया संदेश*
बैठक के अंत में एडीजी मनोज कौशिक ने सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों और मंदिर न्यास समिति से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए निर्देश दिया कि ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथ मेला 2026 को पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित, व्यवस्थित और भव्य स्वरूप में संपन्न कराया जाए, ताकि देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
*इनकी रही उपस्थिति*
बैठक में वार्ड 37 के पार्षद परमेश्वर सिंह, वार्ड 39 की पार्षद शीला सिंह, वार्ड 40 की पार्षद सुचिता रानी राय तथा वार्ड 41 की पार्षद नीलम चौधरी भी मौजूद रहीं। सभी जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता, पेयजल, यातायात, प्रकाश व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन और मंदिर समिति को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिया।इसके अलावा महावीर मंडल के पूर्व अध्यक्ष जय सिंह यादव सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भी बैठक में भाग लेकर अपने सुझाव दिए। बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक एवं पार्किंग व्यवस्था, मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस, बैरिकेडिंग, खोया पाया केंद्र, पेयजल, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।