फतह सिंह उजाला /गुरुग्राम । हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती पर्ल चौधरी ने चंडीगढ़ में हरियाणा कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी संजय दत्त से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री राव नरेंद्र सिंह की उपस्थिति में मुलाकात की। करीब एक घंटे चली बैठक में महिला कांग्रेस के संगठन विस्तार, प्रदेशभर में चलाए जा रहे जनआंदोलनों, महिला आरक्षण कानून को लागू कराने के अभियान तथा आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के दौरान पर्ल चौधरी ने बताया कि अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती अलका लांबा के नेतृत्व में पूरे देश में महिला आरक्षण कानून को तत्काल लागू कराने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पोस्टकार्ड अभियान, हस्ताक्षर अभियान और मिस्ड कॉल अभियान चलाए जा रहे हैं। हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस इन अभियानों को विधानसभा स्तर से लेकर गांव-गांव तक पहुंचा रही है।

उन्होंने प्रभारी संजय दत्त को जानकारी दी कि 21 जुलाई को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के नेतृत्व में महिला आरक्षण कानून लागू कराने की मांग को लेकर विशाल विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस प्रदर्शन में हरियाणा के सभी जिलों से बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता भाग लेंगी। पर्ल चौधरी ने विश्वास जताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता जननायक राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के नेतृत्व में बढ़ रहे जनदबाव के चलते केंद्र सरकार को अगले आम चुनाव से पहले महिला आरक्षण कानून लागू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

सरकार निर्माण में महिलाओं की भागीदारी पहले से अधिक महत्वपूर्ण

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी हरियाणा के अहीरवाल सहित देशभर की ओबीसी महिलाओं के लिए महिला आरक्षण कानून में पृथक प्रावधान की मांग भी लगातार उठा रही है, ताकि सभी वर्गों की महिलाओं को न्यायसंगत प्रतिनिधित्व मिल सके।
बैठक में संजय दत्त ने अपने संगठनात्मक अनुभव साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस संगठन में महिला कांग्रेस की भूमिका लगातार मजबूत हुई है और सरकार निर्माण में महिलाओं की भागीदारी पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण कानून लागू होने के बाद हरियाणा की महिलाओं के लिए विधानसभा और लोकसभा चुनावों में नेतृत्व करने के नए अवसर खुलेंगे।

भाजपा सरकार महिला अधिकारों के प्रति गंभीर नहीं

पर्ल चौधरी ने पिछले चार महीनों में हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस द्वारा चलाए गए प्रमुख आंदोलनों और अभियानों की जानकारी भी दी। इनमें पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से इस्तीफे की मांग, महंगाई के खिलाफ आंदोलन, ईंधन नीति के विरोध में अभियान, नीट एवं अन्य भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन, मनरेगा से जुड़े मुद्दों को उठाना तथा महिलाओं और बेटियों पर बढ़ते अत्याचार के मामलों को प्रमुखता से उठाना शामिल रहा। उन्होंने विशेष रूप से मेवात के इंधाना में सामूहिक बलात्कार तथा कुरुक्षेत्र के सिविल अस्पताल में 15 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म की घटनाओं का मुद्दा भी प्रभारी के समक्ष रखा। पर्ल चौधरी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महिलाओं के अधिकारों के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक राज्य महिला आयोग में सदस्यों की नियुक्ति नहीं की गई और महिला कांग्रेस सहित विभिन्न संगठनों के लगातार दबाव के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष को इस्तीफा देना पड़ा।

अलका लांबा की सहमति से जल्द प्रदेश कार्यकारिणी की पहली सूची

पर्ल चौधरी के आवाज उठाने के बाद नायब सैनी की सरकार ने मजबूरन महिला आयोग के 5 सदस्यों की नियुक्ति 24 घंटे अंदर में किया । संगठन विस्तार पर चर्चा करते हुए पर्ल चौधरी ने बताया कि हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस अगले सप्ताह अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती अलका लांबा की सहमति एवं अनुमति से प्रदेश कार्यकारिणी की पहली सूची जारी करेगी । उन्होंने कहा कि संगठन निर्माण के दौरान पूरे प्रदेश में महिलाओं और युवतियों में कांग्रेस की विचारधारा और नीतियों के प्रति नया उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी ऊर्जा के बल पर महिला कांग्रेस आगामी चुनावों में भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों को जनता के बीच मजबूती से उठाएगी और कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत से काम करेगी।