रफ्तार मीडिया संवाददाता

​खलारी :खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई सेंटर) कोलकाता में गणेश स्पोर्टिंग क्लब राय की प्रतिभावान राष्ट्रीय एथलेटिक्स खिलाड़ी पूनम कुमारी का चयन किया गया है। पूनम की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और उनके परिजनों तथा क्लब के सदस्यों में गर्व की लहर दौड़ गई है।
​शानदार खेल प्रदर्शन के दम पर मिला मुकाम
​गणेश स्पोर्टिंग क्लब राय के संस्थापक सह सचिव गणेश कुमार महतो ने जानकारी दी कि पूनम कुमारी ने इससे पहले राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता और ईस्ट जोन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 400 मीटर दौड़ स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया था। इन प्रतियोगिताओं में झारखंड का नाम रोशन करने वाले उनके उत्कृष्ट खेल कौशल को देखते हुए ही साई सेंटर कोलकाता के लिए उनका चयन किया गया है।​भारतीय खेल प्राधिकरण (साई सेंटर) कोलकाता में चयन के बाद अब पूनम कुमारी को सरकार की ओर से उच्चस्तरीय और आधुनिक सुविधाएं पूरी तरह निशुल्क प्रदान की जाएंगी। इनमें ​रहने के लिए आधुनिक छात्रावास (हॉस्टल)
​खाने के लिए स्वास्थ्यवर्धक और पौष्टिक भोजन
​खेल किट और अन्य आवश्यक खेल सामग्री
​ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय फलक तक का सफर
​पूनम कुमारी खलारी प्रखंड के बमने पंचायत अंतर्गत पाही गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता का नाम चैता महतो और माता का नाम फुलो देवी है। एक साधारण ग्रामीण परिवार से ताल्लुक रखने वाली पूनम ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यह सफलता हासिल की है।
​संस्थापक गणेश कुमार महतो ने बताया कि पूनम को इस मुकाम तक पहुंचाने में उनके बड़े भाई मोतीलाल महतो का बहुत बड़ा योगदान रहा है। मोतीलाल जी के सहयोग से ही पूनम का नामांकन गणेश स्पोर्टिंग क्लब राय में हुआ था, जहां क्लब की ओर से उन्हें लगातार निशुल्क ट्रेनिंग दी गई। इसके बाद पूनम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक का सफर तय किया।​क्लब के अन्य खिलाड़ियों ने भी बढ़ाया क्षेत्र का मान।​गणेश कुमार महतो ने यह भी साझा किया कि पूनम से पहले भी गणेश स्पोर्टिंग क्लब राय के कई अन्य प्रतिभावान खिलाड़ी भारतीय खेल प्राधिकरण (साई सेंटर) में चुने जा चुके हैं। इनमें राहुल उरांव, सोनम कुमारी, आशुतोष कुमार और अभय लोहरा के नाम शामिल हैं।​छोटे-छोटे गांवों और ग्रामीण अंचलों से निकलकर इन खिलाड़ियों का बड़े शहरों में स्थित स्पोर्ट्स सेंटरों तक पहुंचना और वहां रहकर प्रशिक्षण प्राप्त करना पूरे झारखंड के लिए प्रेरणादायक है। ये खिलाड़ी अपनी मेहनत के दम पर अपने जिले और राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर रहे हैं।