विजय साव/ सरायकेला: सरायकेला की विश्वप्रसिद्ध छऊ नृत्य परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र में लंबे समय से बंद प्रशिक्षण कार्यक्रम को फिर से प्रारंभ करने की तैयारी तेज कर दी गई है। इसके तहत कला केंद्र के रिक्त आवश्यक पदों को भरते हुए छऊ परियोजना को पुनः संचालित किया जाएगा, ताकि इच्छुक युवाओं को व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके।इसी उद्देश्य से गुरुवार को राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के सचिव सह अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश की अध्यक्षता में कार्यालय सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी, वरिष्ठ छऊ कलाकारों तथा कला प्रेमियों ने भाग लिया और केंद्र की गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।बैठक में छऊ कला के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। कलाकारों ने युवाओं को प्रशिक्षण से जोड़ने, नियमित अभ्यास सत्र संचालित करने तथा कला केंद्र को सक्रिय बनाने पर जोर दिया। अनुमंडल पदाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि कला केंद्र को पूरी तरह व्यवस्थित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द शुरू कराया जाएगा। साथ ही सरायकेला की गौरवशाली छऊ परंपरा के संरक्षण और विकास के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे, ताकि यह अमूल्य सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंच सके।