सौरभ राय/ रफ्तार मीडिया
रांची:राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा ( नीट )में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछले 17 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता  सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर देशभर में चर्चा हो रही हैं जिसका असर अब झारखंड की राजनीति में भी देखने को मिल रहा है। इस बीच झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के सुप्रीमो एवं डुमरी विधायक जयराम महतो ने पत्र जारी कर सोनम वांगचुक के विरोध प्रदर्शन को व्यापक समर्थन देने का ऐलान किया है।

पत्र जारी कर सोनम वांगचुक को समर्थन देने का किया ऐलान

दिल्ली के जंतर मंतर में नीट परीक्षा और यूवाओ से जुड़े मुद्दों को लेकर सोनम वांगचुक द्वारा पिछले 17 वर्षों से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी क्रम में डुमरी विधायक जयराम महतो द्वारा पत्र जारी कर कहा गया कि छात्र हित और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन के समर्थन में एक  उनके साहस, धैर्य और लोकतांत्रिक संघर्ष काफी सहरानीय है।पत्र में कहा गया है कि लगभग 60 वर्ष की आयु में लगातार भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक का आंदोलन केवल किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को बचाने का प्रयास है। ऐसे में उनके गिरते स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है।

केंद्र सरकार से संवाद शुरू करने की अपील

पत्र में उल्लेख किया गया है कि आंदोलन के 17 दिन बीत जाने के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से अब तक बातचीत की कोई ठोस पहल नहीं की गई है। लगातार अनशन के कारण सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य बिगड़ने की खबरें चिंता बढ़ा रही हैं। इसमें सरकार से आग्रह किया गया है कि छात्र हित से जुड़े इस मुद्दे पर शीघ्र संवाद स्थापित कर न्यायसंगत, पारदर्शी और स्थायी समाधान निकाला जाए।

नीट विवाद के जरिए परीक्षा प्रणाली पर उठाए गए सवाल

पत्र में कहा गया है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी  द्वारा आयोजित नीट परीक्षा में कथित व्यापक अनियमितताओं, पेपर लीक और 'सॉल्वर गैंग' की गतिविधियों ने देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं। आरोप है कि इन गड़बड़ियों के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर लोगों का भरोसा कमजोर पड़ा।इसमें 2024 के चर्चित नीट यूजी पेपर लीक प्रकरण का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें झारखंड के हजारीबाग स्थित ओएसिस स्कूल सहित कई परीक्षा केंद्रों से प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आए थे। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी और जांच एजेंसी ने कई आरोप पत्र दाखिल किए थे।

छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर

पत्र में कहा गया है कि लगातार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, दोबारा परीक्षा की अनिश्चितता और शिक्षा व्यवस्था में कथित धांधली की खबरों ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाला है। कई छात्र अवसाद, तनाव और भविष्य को लेकर असुरक्षा की भावना से जूझ रहे हैं।