ईरान की राजधानी तेहरान और देश के अन्य इलाकों में जारी सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर ये दावा फैल गया था कि ईरानी सुरक्षा बलों ने कुछ भारतीय और अफगान नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया है। इन खबरों में कहा गया कि प्रदर्शन के दौरान डाले गए आगजनी और हिंसा के आरोप में “10 अफगान और 6 भारतीय नागरिकों को हिरासत में लिया गया।”

हालाँकि इस दावे को भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने स्पष्ट रूप से फर्जी बताया है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कुछ विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स पर जो खबरें चल रही हैं, वे पूरी तरह गलत हैं और लोगों से अनुरोध किया है कि वे केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही जानकारी लें।

राजदूत के बयान में यह भी कहा गया कि ईरान की स्थिति और प्रोटेस्ट से जुड़ी अफवाहें फैलाने वाले संदेशों को लेकर लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ईरान में भारतीय नागरिकों के गिरफ्तारी के ऐसे किसी भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है और ऐसे दावे भ्रम और गलत सूचना फैलाते हैं।

चेते रहते हैं कि ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों ने पिछले कुछ समय से जोर पकड़ा हुआ है और हजारों प्रदर्शनकारियों के गिरफ्तार होने और सैकड़ों लोगों की मौत होने की खबरें भी सामने आई हैं, लेकिन भारतीयों की गिरफ्तारी को लेकर जो रिपोर्ट्स वायरल हुईं, वे सत्य नहीं हैं।

राजदूत के बयान के बाद यह भी ध्यान दिया गया कि ऐसे समय में जब विरोध प्रदर्शन जारी हैं, भारतीय छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी, इसलिए दूतावास और राजनयिक अधिकारियों ने साफ़ किया कि भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर नजर रखी जा रही है और वर्तमान में किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं होती है।

यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों को बिना पुष्टि के साझा करना गलत सूचना का कारण बन सकता है, खासकर जब देश में संवेदनशील परिस्थितियाँ मौजूद हों। राजदूत ने लोगों से अपील की है कि वे तथ्य-परक और प्रमाणिक न्यूज़ स्रोतों से ही जानकारी हासिल करें।