दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाने की बुलडोजर कार्रवाई के दौरान भड़की हिंसा और पत्थरबाजी के मामले में दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई तेज़ कर दी है। अब तक करीब 13‑16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

यह हिंसा फैज‑ए‑इलाही मस्जिद के पास तब भड़की थी जब अवैध अतिक्रमण हटाने के लिये नगर निगम (MCD) और पुलिस संयुक्त कार्रवाई कर रहे थे। भीड़ ने कथित तौर पर पुलिस पर पत्थरबाजी की, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस ने FIR दर्ज करके मामले की गहन जांच शुरू की थी।

पुलिस ने लगातार सीसीटीवी फुटेज, बॉडी कैमरे और ड्रोन निगरानी का इस्तेमाल कर संदिग्धों की पहचान की है, जिससे अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें बड़े हिस्से के नाम सामने आए हैं और कई को अदालत में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ हत्या की कोशिश सहित गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

आरोपियों की पहचान में स्थानीय निवासी तथा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने में शामिल व्यक्ति भी शामिल हैं। पुलिस ने ऐसे कई WhatsApp ग्रुपों पर नजर रखी है जहाँ भड़काऊ संदेशों और भ्रामक जानकारी को फैलाया गया था, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हुआ।

अभियोजन के मद्देनज़र इलाके में भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं, खासकर जुमे की नमाज़ और सामुदायिक कार्यक्रमों के दौरान कानून‑व्यवस्था बनाए रखने के लिये। सुरक्षा बलों ने मस्जिदों और प्रमुख गलियों के पास अतिरिक्त पिकेट्स भी स्थापित किए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच अब भी जारी है और अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और अनजानी अफवाहों या झूठी सूचनाओं पर विश्वास न करें, जिससे तनाव और बढ़ सकता है।

इस मामले ने राजधानी में अतिक्रमण हटाने, नागरिक सुरक्षा और सोशल मीडिया के प्रभाव जैसे मुद्दों को एक बार फिर उभारा है, जिसके कारण प्रशासन और पुलिस दोनों सतर्क हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। जांच के निष्कर्ष और आगे की गिरफ्तारियों से इस विवाद का व्यापक चित्र सामने आने की उम्मीद है।