दिल्ली और एनसीआर में सर्दी का सितम थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजधानी में लगातार गिरते तापमान ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्य से करीब 3.2 डिग्री कम बताया जा रहा है। ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण सुबह और रात के समय सड़कों पर आवाजाही मुश्किल हो रही है, वहीं खुले में काम करने वाले लोगों के लिए यह ठंड किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।

बीते कुछ दिनों से उत्तर भारत में सक्रिय शीत लहर का असर दिल्ली में भी साफ नजर आ रहा है। सुबह के वक्त घना कोहरा छाया रहता है, जिससे दृश्यता कम हो जाती है और ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। कई इलाकों में लोगों ने अलाव और हीटर का सहारा लेना शुरू कर दिया है। ठंड के चलते बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि इस तरह के मौसम में सर्दी-जुकाम और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

दिल्ली की सड़कों पर सुबह-सुबह चाय की दुकानों और छोटे ढाबों पर लोगों की भीड़ पहले से ज्यादा नजर आ रही है, जो खुद को गर्म रखने के लिए चाय-कॉफी और गरम नाश्ते का सहारा ले रहे हैं। बेघर और गरीब तबके के लिए यह मौसम और भी कठिन साबित हो रहा है। कई सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से जरूरतमंदों को कंबल और गर्म कपड़े बांटे जा रहे हैं, ताकि वे इस कड़ाके की ठंड से कुछ राहत पा सकें।

मौसम में आई इस गिरावट का असर रेल और सड़क यातायात पर भी देखा जा रहा है। कोहरे की वजह से कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं, वहीं कुछ फ्लाइट्स के संचालन पर भी असर पड़ा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और अगर बाहर निकलना जरूरी हो तो पूरी सावधानी बरतें। वाहन चलाते समय फॉग लाइट्स का इस्तेमाल और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड का असर बना रह सकता है और तापमान में ज्यादा राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम है। पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी हवाओं के कारण ठंडी हवा लगातार मैदानी इलाकों की ओर बढ़ रही है, जिससे दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में ठिठुरन बनी हुई है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे गर्म कपड़े पहनें, सुबह और देर रात बाहर निकलने से बचें और अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें।

कुल मिलाकर, राजधानी दिल्ली इस समय कड़ाके की ठंड की चपेट में है और मौसम ने यह साफ संकेत दे दिया है कि सर्दी का यह दौर अभी कुछ समय और परेशान कर सकता है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।