दिनेश कुमार रजक /रफ्तार मीडिया संवाददाता/चित्तरंजन

औद्योगिक क्षेत्र स्थित एलोक्वेंट स्टील प्लांट बुधवार सुबह श्रमिकों के विरोध से गूंज उठा। सुबह करीब 6 बजे बड़ी संख्या में श्रमिक मुख्य द्वार पर एकत्र हुए और न्यूनतम वेतन, 8 घंटे ड्यूटी और ईएसआई सुविधा तुरंत लागू करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी श्रमिकों का आरोप है कि प्रबंधन ने 6 जुलाई तक नई व्यवस्था लागू करने का वादा किया था, लेकिन तय तारीख बीत जाने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया। हालांकि आंदोलन के दौरान प्लांट का उत्पादन और कर्मचारियों का प्रवेश सामान्य रहा। सूचना पर पहुंचे एचआर अधिकारी जितेंद्र झा ने प्रदर्शनकारियों से बात की। उन्होंने बताया कि सरकार 15 जुलाई तक अंतिम निर्देश जारी करेगी और उसके बाद 17 जुलाई से जरूरी कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस आश्वासन के बाद श्रमिकों ने फिलहाल प्रदर्शन स्थगित कर दिया। लेकिन श्रमिकों ने साफ चेतावनी दी कि यदि 17 जुलाई तक मांगे नहीं मानी गईं तो 18 जुलाई से उग्र आंदोलन किया जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ता अमरनाथ महतो ने कहा कि यह विरोध कारखाने के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रबंधन की उदासीनता के खिलाफ रिमाइंडर और अल्टीमेटम है। अब सभी की निगाहें 17 जुलाई की समय-सीमा और सरकार के निर्देश पर टिकी हैं।