सौरभ राय/:असम/रांची:असम विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की धुंआधार चुनावी सभाएं चर्चा का विषय बन चुकी हैं। बता दे, गुरुवार को मद्देनजर असम के सरूपथर विधानसभा क्षेत्र में झामुमो प्रत्याशी साहिल मुंडा के समर्थन में आयोजित एक विशाल चुनावी जनसभा को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन  ने संबोधित किया। जनसभा के दौरान लोगों की भारी भीड़ देखी गई मौके पर सीएम हेमंत सोरेन  ने साहिल मुंडा को क्षेत्र की नई उम्मीद बताते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।

*असम की माटी और झारखंड के जज्बे का संगम है साहिल मुंडा - हेमंत सोरेन*
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि असम की माटी और झारखंड के जज्बे का संगम हैं साहिल मुंडा। इन्हें चुनना मतलब अपने हक और अधिकार को चुनना है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल एक सीट जीतने का नहीं, बल्कि वंचित और आदिवासी समाज के अधिकारों को मजबूत करने का चुनाव है।

*सामाजिक परिवर्तन का चेहरा हैं साहिल मुंडा*
मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन ने कहा कि साहिल मुंडा का राजनीति में प्रवेश सत्ता प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक परिवर्तन के उद्देश्य से हुआ है। उन्होंने कहा कि साहिल मुंडा वंचित और शोषित समाज की बुलंद आवाज बनकर उभरे हैं। उनका लक्ष्य केवल विधायक बनना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय और विकास पहुंचाना है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि सरूपथर क्षेत्र में झारखंडी अस्मिता और स्थानीय अधिकारों की रक्षा के लिए साहिल मुंडा सबसे उपयुक्त उम्मीदवार हैं।

*स्थानीय अधिकारों की लड़ाई को मिलेगा बल*
वहीं,हेमन्त सोरेन ने जनता से अपील करते हुए कहा कि साहिल मुंडा ने हमेशा पद और व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष किया है इसलिए अब समय आ गया है कि उन्हें विधानसभा भेजकर इस संघर्ष को और मजबूत किया जाए। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि साहिल मुंडा के नेतृत्व में संगठन जमीनी स्तर पर मजबूत हो रहा है और युवाओं को केवल मतदाता नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार किया जा रहा है।