संवाद सूत्र/भागलपुर
राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह संस्थापक श्री सांगेश कुमार भाटी ने जंतर-मंतर,नई दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस बल प्रयोग और मानवाधिकार उल्लंघन के मामले में राष्ट्रपति को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।संगठन ने अपने पत्र के माध्यम से 5 सूत्री मांगें रखी हैं-घटना की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए,बिना नेमप्लेट ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान कर कार्रवाई हो,दोषी अधिकारियों पर विभागीय और विधिक कार्रवाई हो,घायल छात्रों को समुचित चिकित्सा सहायता और राहत मिले और दर्ज मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कर निर्दोषों को बचाया जाए। इस पत्र की प्रतिलिपि सर्वोच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय,राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष महोदय तथा भारत के माननीय गृह मंत्री को भी आवश्यक कार्रवाई हेतू भेजा गया है। वहीं संगठन के मीडिया प्रकोष्ठ राष्ट्रीय सचिव डॉ. विभूति सिंह ने कहा कि *संविधान के अनुच्छेद 19 के अनुसार"लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। मीडिया में आए वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया गया। कुछ पुलिसकर्मी बिना नेमप्लेट के ड्यूटी करते दिखे। यदि ये आरोप सही हैं तो यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि जनता का कानून और संविधान पर विश्वास बना रहे।"*