कासगंज।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जहां एक तरफ स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती है, वहीं जमीनी स्तर पर कुछ जिम्मेदार सरकारी तंत्र सरकार की साख पर बट्टा लगा रहे हैं। ताजा मामला कासगंज जनपद के कस्बा गंजडुंडवारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से सामने आया है, जहां मरीज से मेडिकल रिपोर्ट बनाने के नाम पर सरेआम अवैध वसूली का खेल चल रहा है।
इस भ्रष्टाचार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है।
"पैसे के बिना मेडिकल तो ऐसा ही होता है..."
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अस्पताल के डॉक्टर मरीज से सीधे तौर पर पैसों की मांग कर रहे हैं। हद तो तब हो गई जब डॉक्टर साहब ने कैमरे की परवाह किए बिना मरीज से दो टूक कह दिया— "पैसे के बिना मेडिकल तो ऐसा ही होता है, आपको अच्छा (मजबूत) मेडिकल कराना है तो पैसे तो देने ही होंगे।"
यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सरकार डॉक्टरों को लाखों रुपये की सैलरी और सुविधाएं दे रही है, तो फिर गरीब मरीजों का खून चूसने की ऐसी क्या मजबूरी आ गई है?
मुख्य बिंदु: स्वास्थ्य केंद्र पर उठते गंभीर सवाल
सरेआम रिश्वत की मांग: वीडियो में डॉक्टर बिना किसी डर के मेडिकल रिपोर्ट को प्रभावित करने के बदले पैसे मांगते दिख रहे हैं।
गरीब मरीजों की मजबूरी: दूर-दराज से आए गरीब मरीज जो न्याय और इलाज की उम्मीद में आते हैं, उनसे 'अच्छे मेडिकल' के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है।
सरकार की छवि पर दाग: एक तरफ सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर करोड़ों रुपये खर्च कर जनता को मुफ्त सुविधाएं देने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गंजडुंडवारा CHC में इस तरह की अवैध वसूली सरकार की नीतियों का मजाक उड़ा रही है।
जांच और कार्रवाई का इंतजार
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों में भारी आक्रोश है। अब देखना यह होगा कि कासगंज के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और जिला प्रशासन इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ क्या सख्त कार्रवाई करते हैं, या फिर हमेशा की तरह मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।