उत्तराखंड: नैनीताल, उत्तरकाशी, टिहरी‑गढ़वाल समेत कई जिलों में भारी बर्फबारी, पर्यटक और वाहन फंसे — उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में शुक्रवार रात से भारी बर्फबारी और बारिश का प्रभाव जारी है, जिससे नैनीताल, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल सहित कई उच्च‑उपजिलों में जनजीवन और यातायात बाधित हो गया है। बर्फ और बारिश के कारण सड़कों पर बर्फ जमी हुई है और कई स्थानों पर वाहनों और यात्रियों का फंसना भी रिपोर्ट किया गया है।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और SDRF (State Disaster Response Force) की टीमें तेजी से राहत‑बचाव कार्यों में लगी हुई हैं। रामगढ़‑मुक्तेश्वर, धनाचुली बैंड जैसे इलाकों में बर्फ जमने से सैकड़ों वाहन और लोग रास्तों पर फंस गए थे, जिन्हें SDRF की मदद से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। कुछ स्थानों पर JCB मशीनों से सड़कों से बर्फ हटाकर वाहनों को निकालने का काम भी किया गया।

उत्तरकाशी के लम्बगाँव मोटर रोड समेत कई प्रमुख मार्गों पर बर्फ होने की वजह से यातायात बाधित रहा, और प्रशासन ने कई जगहों पर वाहनों और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाकर अबाधित किया। राहत कार्य के दौरान अब तक जीवन के नुकसान की कोई खबर नहीं है, लेकिन कई पर्यटक और स्थानीय लोग सड़कों पर और पहाड़ों में फंसे हुए पाए गए।

भारी बर्फबारी के कारण सामान्य जनजीवन पर भी असर पड़ा है। कई मार्गों पर सड़कों का बंद होना, बिजली आपूर्ति में बाधा और तापमान में भारी गिरावट जैसे मुद्दों ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के लिए कठिनाइयाँ बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने कई इलाकों में ऑरेंज/येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों से बिना जरूरी यात्रा न करने की सलाह दी है, ताकि जोखिम और बढ़ने से रोका जा सके।

विशेषकर नैनीताल, मसूरी और अन्य लोकप्रिय हिल स्टेशनों में मौसम का अचानक बिगड़ना पर्यटकों के बीच परेशानी का कारण बन रहा है, जहां कई यात्री अपने कार्यक्रम में देरी या बदलाव का सामना कर रहे हैं। सड़कों पर बर्फ और मुसीबत भरी राहों के चलते प्रशासन द्वारा यात्रियों और स्थानीय समुदाय के लिए सुझाव जारी किये गये हैं कि वे मौसम अपडेट देखते रहें और सुरक्षित जगहों पर बने रहें।

इस मौसम की वजह से स्कूलों और अन्य संस्थानों में छुट्टियाँ घोषित की गई हैं और प्रशासन एवं बचाव दल राहत कार्य में जुटे हुए हैं, ताकि फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके और आगे की स्थिति के लिए तैयार रहा जा सके।