गोवर्धन रजक/धनबाद: झारखंड सरकार भले ही राज्य के हर कोने में निर्बाध और मुफ्त बिजली पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन धनबाद जिले के टुंडी प्रखंड से आई तस्वीरें इन दावों की पोल खोलती हैं। पश्चिमी टुंडी की मछियारा पंचायत के अंतर्गत आने वाले तीन प्रमुख गांवों—बोनकाटी, चीनापहाड़ी और कदवार में पिछले चार दिनों से पूरी तरह से ब्लैकआउट है।कैसे हुआ हादसा?जानकारी के अनुसार, चार दिन पहले एक भारी पेड़ गिरने के कारण 11,000 वोल्ट की हाई-टेंशन बिजली का तार टूट गया था। तार टूटने के साथ ही इन तीनों गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। इस हादसे के कारण लगभग 1500 आदिवासी परिवारों के घरों में अंधेरा पसर गया है।भीषण गर्मी में जनजीवन अस्त-व्यस्त इस समय पूरा इलाका भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप की चपेट में है। बिजली नहीं होने के कारण ग्रामीणों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सबसे बुरा असर बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर पड़ रहा है। रात के समय पूरा गांव अंधकार में डूब जाता है, जिससे सुरक्षा का खतरा भी बढ़ गया है।अधिकारियों की उदासीनता पर फूटा गुस्सा ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि घटना के तुरंत बाद इसकी लिखित और मौखिक सूचना बिजली विभाग के स्थानीय फील्ड कर्मियों और उच्च पदाधिकारियों को दे दी गई थी। लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी विभाग ने सुध लेना मुनासिब नहीं समझा। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि इस घोर लापरवाही का जिम्मेदार आखिर कौन है और कब तक आदिवासियों को इस तरह की प्रताड़ना झेलनी पड़ेगी?