दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा :

जामताड़ा सदर अस्पताल में मंगलवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने थैलेसीमिया एवं हीमोफीलिया केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा, उपायुक्त आलोक कुमार, उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा, सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. निलेश कुमार सहित कई अधिकारी, चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अब थैलेसीमिया और हीमोफीलिया जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सदर अस्पताल में ही जांच, उपचार और आवश्यक दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि इन बीमारियों के इलाज में लाखों रुपये खर्च होते हैं, इसलिए राज्य सरकार इन्हें गंभीर बीमारी की श्रेणी में शामिल करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि थैलेसीमिया एवं हीमोफीलिया के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए 15 लाख रुपये तक की सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। संथाल परगना प्रमंडल में यह इस प्रकार का दूसरा केंद्र है। इससे पहले यह सुविधा केवल दुमका मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध थी। उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि यह केंद्र जिले के मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। अब उन्हें इलाज के लिए दूसरे राज्यों या बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा ने कहा कि जामताड़ा में इस केंद्र की स्थापना स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा। जिले में अब तक थैलेसीमिया एवं हीमोफीलिया के 16 मरीज चिन्हित किए गए हैं। उद्घाटन के दिन ही दो बच्चों का उपचार नए केंद्र में शुरू कर दिया गया। मौके पर डीपीएम प्रदीप महतो, अस्पताल प्रबंधक उज्वल कुमार, कर्मी तरुण मंडल सहित कई स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।