दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा।

जामताड़ा मंडल कारा से सावन की तीसरी सोमवारी को एक अनोखी धार्मिक परंपरा की तस्वीर सामने आई। मंडल कारा में रह रहे कैदियों द्वारा कई वर्षों से प्रत्येक सोमवार को गेंदे के फूलों से भगवान महादेव और नाग की प्रतिमा तैयार की जाती है। इसके बाद पुरोहित द्वारा पूजा-अर्चना कर फूलों से निर्मित प्रतिमा को मन चंचला मंदिर में अर्पित किया जाता है। सोमवार को भी इस परंपरा का निर्वहन किया गया। शाम करीब 5:30 बजे मंडल कारा परिसर से गेंदे के फूलों से बनाई गई महादेव और नाग की प्रतिमा को कंधे पर लेकर पुरोहित एवं अन्य लोग मंदिर के लिए रवाना हुए। यह धार्मिक यात्रा कोर्ट रोड से होते हुए सुभाष चौक और शहर के बीच बाजार से गुजरकर मन चंचला मंदिर पहुंची। वहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद फूलों से बनी प्रतिमा को भगवान शिव को अर्पित किया गया। मंडल कारा से निकलने वाली फूलों की प्रतिमा को देखने के लिए रास्ते में लोगों की भीड़ भी जुटी। श्रद्धालुओं ने इस अनोखी परंपरा को आस्था और भक्ति से जुड़ा बताया।बताया जाता है कि मंडल कारा में कैदियों द्वारा सावन के प्रत्येक सोमवार को फूलों से महादेव एवं नाग की प्रतिमा तैयार करने की परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। इस परंपरा के माध्यम से कैदी भी सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हैं। सावन की तीसरी सोमवारी पर भी इस परंपरा के जारी रहने से शहर में इसकी चर्चा रही।