झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने अपनी लंबित मांगों को लेकर हेमंत सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। मोर्चा के संस्थापक पुष्कर महतो और गिरिडीह के चिन्हित आंदोलनकारी नारायण राणा के नेतृत्व में आगामी 10 जून से रांची में मुख्यमंत्री आवास का अनिश्चितकालीन घेराव प्रदर्शन, आमरण अनशन और आत्मदाह जैसे उग्र आंदोलन का ऐलान किया गया है।
इस ऐतिहासिक आंदोलन की रणनीति तैयार करने के लिए आगामी 1 जून को गिरिडीह के अफसर कॉलोनी स्थित अंबेडकर भवन में 10 बजे दिन आंदोलनकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई है।
मोर्चा के संस्थापक पुष्कर महतो ने सरकार के सामने निम्नलिखित तीन सूत्रीय मुख्य मांगें रखी हैं,
झारखंड आंदोलनकारियों के बच्चों और आश्रितों को सरकारी नौकरियों में बिना शर्त सीधी बहाली दी जाए। सभी आंदोलनकारियों को राजकीय मान-सम्मान देते हुए प्रति माह 50-50 हजार रुपये की पेंशन राशि सुनिश्चित की जाए।
आंदोलनकारियों को पूर्णत :निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और साथ ही 10-10 लाख रुपये का समूह बीमा का लाभ दिया जाए।
*1 जून की बैठक में शामिल होने की अपील*
मोर्चा के पदाधिकारियों ने गिरिडीह जिले के सभी आंदोलनकारियों, उनके आश्रितों और शुभचिंतकों से अपील की है कि वे 1 जून को 10 बजे दिन में अंबेडकर भवन में होने वाली बैठक में भारी संख्या में पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाएं। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ अब आर-पार का संघर्ष ही एकमात्र रास्ता बचा है।