रफ्तार मीडिया:दीपचंद्र दीक्षित संवाददाता

फर्रुखाबाद। पांचाल घाट स्थित प्राचीन दुर्वासा ऋषि आश्रम के महंत श्री ईश्वर दास महाराज ने रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने संबंधी चर्चाओं और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों का सख्त शब्दों में खंडन किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका राजनीति में आने अथवा किसी भी राजनीतिक दल के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने का कोई विचार नहीं है। सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही ऐसी सभी खबरें पूरी तरह भ्रामक, असत्य और जनमानस को भ्रमित करने वाली हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान महंत श्री ईश्वर दास महाराज ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से फेसबुक, व्हाट्सएप तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर उनके चुनाव लड़ने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और पोस्ट प्रसारित की जा रही हैं। इन अफवाहों के कारण उनके भक्तों, श्रद्धालुओं और क्षेत्र के लोगों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसी भ्रम को दूर करने के उद्देश्य से उन्होंने मीडिया के माध्यम से अपना पक्ष सार्वजनिक किया है।
महंत ने कहा, "मैं एक संत हूं और मेरा संपूर्ण जीवन धर्म, अध्यात्म, गौसेवा, सनातन संस्कृति के संरक्षण तथा समाज सेवा के लिए समर्पित है। मेरा उद्देश्य लोगों को आध्यात्मिक मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना है, न कि सक्रिय राजनीति में प्रवेश करना।"
उन्होंने कहा कि संत समाज का दायित्व समाज को जोड़ने, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देने का होता है। एक संत होने के नाते सभी राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों का आश्रम में आना-जाना स्वाभाविक है। इससे यह निष्कर्ष निकालना कि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल हो रहे हैं या चुनाव लड़ने जा रहे हैं, पूरी तरह गलत और निराधार है।
महंत श्री ईश्वर दास महाराज ने कहा कि कुछ लोग बिना सत्यता की जांच किए सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं प्रसारित कर रहे हैं, जिससे समाज में भ्रम फैल रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी समाचार या पोस्ट पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें और अपुष्ट खबरों को साझा करने से बचें।
उन्होंने अपने सभी भक्तों, श्रद्धालुओं और समर्थकों से भी आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। यदि उनके नाम से कोई राजनीतिक प्रचार या चुनाव लड़ने संबंधी संदेश सोशल मीडिया पर दिखाई दे तो उसे सत्य न मानें। उन्होंने कहा कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है और भविष्य में भी वे संत परंपरा का पालन करते हुए धर्म, अध्यात्म, मानव सेवा और राष्ट्रहित के कार्यों में ही अपना जीवन समर्पित रखेंगे।
प्रेस वार्ता के अंत में महंत श्री ईश्वर दास महाराज ने कहा कि समाज में शांति, सद्भाव और धार्मिक मूल्यों की स्थापना ही उनका प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि वे हमेशा की तरह आश्रम में रहकर जनकल्याण, धार्मिक अनुष्ठानों, गौसेवा तथा आध्यात्मिक गतिविधियों के माध्यम से समाज की सेवा करते रहेंगे और चुनाव लड़ने की सभी चर्चाएं पूरी तरह निराधार हैं।