नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट आज (7 जनवरी 2026) आवारा कुत्तों (stray dogs) से जुड़े एक अहम मामले की सुनवाई कर रहा है। यह मुद्दा देशभर से दायर कई याचिकाओं और जनहित से जुड़े विवादों के कारण अब शीर्ष अदालत में सबसे ज्यादा ध्यान खींच रहा है।
इस मामले में अदालत ने टिप्पणी की है कि इतने सारे अंतरिम आवेदनों (interlocutory applications) की संख्या असामान्य रूप से अधिक है — इतना तो आमतौर पर इंसानों से जुड़े मामलों में भी नहीं आता। यह बात मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने खुद कही थी, जब वकीलों ने आवारा कुत्तों के मामलों से जुड़े कुछ आवेदन प्रस्तुत किए।
आज के सुनवाई सत्र में तीन जजों की विशेष बेंच — न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया — इस मुद्दे पर विस्तृत सुनवाई करेंगे। पिछली सुनवाई में केस की गंभीरता और विवादित प्रतिक्रियाओं के मद्देनजर इसे विशेष बेंच को सौंपा गया था।
यह मामला 2025 में शुरू हुआ था जब कोर्ट ने आवारा कुत्तों के बढ़ते मामलों, डॉग बाइट से जुड़ी चिंताओं और Animal Birth Control (ABC) नियमों के अनुपालन को लेकर स्वत: संज्ञान लिया था। इसके बाद कई याचिकाएं और आवेदन दायर हुए जिनमें कुछ पक्ष कड़े उपायों जैसे शेल्टर होम्स में कुत्तों को स्थानांतरित करने के समर्थन में हैं, जबकि पशु अधिकार समूह मानवीय प्रबंधन के लिए नसबंदी, टीकाकरण और समुदाय आधारित कार्यक्रमों की वकालत कर रहे हैं।
आज की सुनवाई में अदालत इन सभी दलीलों को सुनेगी और यह स्पष्ट करेगी कि आगे के आदेशों में क्या संशोधन होंगे और क्या राष्ट्रीय स्तर पर कोई दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। यह मामला सिर्फ न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है, बल्कि पब्लिक हेल्थ, सुरक्षा और पशु कल्याण के बीच संतुलन से जुड़ा हुआ है, जिस पर सामाजिक और कानूनी दोनों तरह की बहस जारी है।
सुप्रीम कोर्ट की यह सुनवाई देशभर में आवारा कुत्तों के प्रबंधन की नीति और स्थानीय निकायों के कर्तव्यों को लेकर भी स्पष्ट संकेत दे सकती है कि किस तरह से नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए और सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाए।
मुख्य बिंदु:
• आज सुप्रीम कोर्ट आवारा कुत्तों के मामले में सुनवाई कर रहा है।
• अदालत ने कहा कि इतने अधिक याचिकाएं असामान्य हैं।
• तीन जजों की विशेष बेंच इस मुद्दे पर विस्तृत सुनवाई करेगी।
• मामला सार्वजनिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और पशु कल्याण से जुड़ा है और सभी पक्षों की दलीलों को आज कोर्ट में सुना जाएगा।