दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा
जामताड़ा महाविद्यालय जामताड़ा के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई-दो द्वारा गुरुवार को युवाओं एवं समाज को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. कौशल ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. कौशल ने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। नशे की लत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि परिवार और समाज के विकास में भी बाधा बनती है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेलकूद एवं रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। वही कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. प्रीति कुमारी ने नशे की परिभाषा, इसके प्रकार, दुष्प्रभाव, बचाव के उपाय तथा समाज पर पड़ने वाले प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शराब, तंबाकू, सिगरेट, गुटखा, भांग जैसे कानूनी पदार्थों के अलावा गांजा, अफीम, कोकीन, हीरोइन, ब्राउन शुगर, केटामाइन तथा अन्य सिंथेटिक ड्रग्स का सेवन भी स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के सेवन से मानसिक विकार, शारीरिक बीमारियां, व्यवहार में परिवर्तन, रोजगार की हानि, पारिवारिक तनाव, घरेलू हिंसा, अपराध, सड़क दुर्घटनाएं तथा शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। साथ ही उन्होंने नशे से जुड़े मिथकों और तथ्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशीले पदार्थ एकाग्रता या रचनात्मकता नहीं बढ़ाते, बल्कि व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को कमजोर करते हैं। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने नशा मुक्ति संबंधी जागरूकता संदेशों का प्रचार-प्रसार किया तथा उपस्थित छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया। अंत में सभी प्रतिभागियों को नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई गई।इस अवसर पर डॉ. वीरेंद्र कुमार सिंह, प्रो. ऋषिकेश सहित महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।