सौरभ राय/ रफ्तार मीडिया
रांची: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को राजधानी रांची में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने योग के सार्वभौमिक स्वरूप और सामाजिक समरसता के संदेश को और अधिक मजबूती प्रदान की। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने योग शिक्षिका राफिया नाज़ के आवास पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया और योग के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने योग शिक्षिका राफिया नाज़ से योगाभ्यास भी सीखा एवं उनके परिजनों से हाल चाल भी लिया।
*राफिया नाज़ योग के छेत्र में कर रही सहरानीय कार्य- इरफान अंसारी*
स्वास्थ्य मंत्री ने राफिया नाज़ को सम्मानित करते हुए कहा कि योग के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करना एक महत्वपूर्ण सामाजिक सेवा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, अवसाद, अनियमित दिनचर्या और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में योग लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने राफिया नाज़ द्वारा विशेष रूप से बच्चों, छात्राओं, महिलाओं और युवाओं के बीच योग के प्रचार प्रसार के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की।
*राफिया नाज़ ने मंत्री इरफान अंसारी को योगा के विभिन्न आसनों की दी जानकारी*
मुलाकात के दौरान राफिया नाज़ ने मंत्री इरफान अंसारी को योग और प्राणायाम के विभिन्न आयामों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास का भी माध्यम है। उन्होंने मंत्री को कुछ विशेष योगासन और प्राणायाम अभ्यासों की जानकारी दी तथा उनके लाभों के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने भी योगाभ्यास में रुचि दिखाई और योग के विभिन्न पहलुओं को समझने का प्रयास किया।
*स्वास्थ्य विभाग द्वारा योग को बढ़ावा देने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे- इरफान अंसारी*
वहीं,मंत्री इरफान अंसारी ने योग शिक्षिका राफिया नाज़ के प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई तथा आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा योग को बढ़ावा देने के लिए उनके अनुभव और मार्गदर्शन का लाभ लेने की बात कही। उन्होंने बताया राफिया नाज़ जैसे समर्पित योग प्रशिक्षकों का अनुभव समाज के लिए अमूल्य है। उनके प्रयासों से न केवल लोगों का स्वास्थ्य बेहतर हो रहा है, बल्कि समाज में सकारात्मकता और जागरूकता का भी विस्तार हो रहा है।
*योग को बढ़ावा देने के लिए राफिया नाज़ ने मंत्री इरफान अंसारी के समक्ष रखा प्रस्ताव*
योग शिक्षिका राफिया नाज़ ने स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखा। राफिया नाज़ ने आग्रह किया कि राज्य के सुदूर ग्रामीण इलाकों, मदरसों, अनाथालयों, विद्यालयों तथा विभिन्न सरकारी विभागों में नियमित योग कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना था कि यदि सरकार की पहल पर व्यापक स्तर पर योग प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएं तो बड़ी संख्या में प्रशिक्षित योग शिक्षक तैयार किए जा सकते हैं। इससे युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर मिलेगा तथा वे देश की अर्थव्यवस्था और विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगे।
*धर्म, जाती और पंत से ऊपर उठकर योग मानवता के कल्याण का माध्यम है- राफिया नाज़*
अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर संदेश देते हुए योग शिक्षिका राफिया नाज़ ने कहा कि योग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह व्यक्ति को सकारात्मक सोच प्रदान करता है। नियमित योगाभ्यास से तनाव कम होता है, मन शांत रहता है और व्यक्ति जीवन की चुनौतियों का सामना अधिक आत्मविश्वास के साथ कर पाता है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया योग को अपना रही है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। ऐसे में भारतवासियों को भी अपनी इस प्राचीन धरोहर को पूरी निष्ठा के साथ अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि योग को किसी धर्म, जाति या पंथ के दायरे में बांधकर नहीं देखा जाना चाहिए। योग मानवता के कल्याण का माध्यम है और यह सभी के लिए समान रूप से उपयोगी है।