बिरनी/गिरिडीह :बिरनी प्रखंड के तेतरिया सलैडीह पंचायत अंतर्गत फतेहपुर गांव में कब्रिस्तान जाने वाले रास्ते को चहारदीवारी खड़ी कर बंद करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना ने न सिर्फ ग्रामीणों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाई है, बल्कि सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर चहारदीवारी का निर्माण किया जा रहा है, वहां तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है, जिससे कब्रिस्तान तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। इसको लेकर सैकड़ों ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीण—जमरुद्दीन अंसारी, और
वार्ड सदस्य मोकिम अंसारी समेत अन्य सौ की संख्या में ग्रामीणो ने सामूहिक रूप से उपायुक्त रामनिवास यादव को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की जांच की मांग की है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जिस जगह पर चहारदीवारी बनाई जा रही है, वहां पर आज तक किसी भी मृत व्यक्ति का दफन नहीं हुआ है। ऐसे में उस स्थल को कब्रिस्तान बताकर सरकारी पैसे से निर्माण कराना सीधा-सीधा गड़बड़ी और फंड के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले वर्ष भी इस निर्माण का विरोध किया गया था, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे अब मामला और गंभीर हो गया है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने अंचल अधिकारी सन्दीप मद्धेशिया को जांच का निर्देश दिया। शुक्रवार को सीओ स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जांच के दौरान उन्होंने बताया कि संबंधित जमीन गैरमजरूआ आम है और उसी खाता-प्लॉट के आधार पर चेक स्लिप भी बनाई गई है।
हालांकि,अब सवाल उठता है की—अगर जमीन पर कभी भी मृतक का दफन तक नहीं हुआ, तो फिर चहारदीवारी किस आधार पर और किस उद्देश्य से बनाई जा रही है? क्या यह सरकारी योजनाओं के नाम पर धन की बंदरबांट का नया खेल तो नही है? फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है। यदि जल्द ही निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज होगी