फतह सिंह उजाला 
पटौदी। पहले तो मानसून के आरंभ होने से पूर्व पटौदी जाटोली मंडी परिषद सीमा क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर ड्रेनेज की सफाई नहीं किया जाने की आम शिकायतें सामने आई । बरसात होने के बाद ड्रेनेज की सफाई नहीं होने पर बरसाती पानी सड़क सहित विभिन्न स्थानों पर भरने के बाद सिस्टम की पोल पट्टी भी खुल गई । यही समाचार , लो जी अभी तो शुरुआत है आगे देखिए होता है क्या ! शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित भी हुआ। समाचार प्रकाशित होने के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और खास तौर से पटौदी हेली मंडी के बीच हेली मंडी सीमा क्षेत्र में सड़क के दोनों तरफ बरसाती नाले अथवा ड्रेनेज की सफाई का बीड़ा उठाया गया। लाख टके  का सवाल यह है कि ड्रेनेज की की गई सफाई कथित रूप से खाना पूर्ति अधिक महसूस की जा रही है ? इसके अलावा और भी गंभीर सवाल यह है कि बरसात होने पर बरसाती पानी की निकासी की क्या ठोस व्यवस्था है।

हेली मंडी सीमा क्षेत्र में सामान्य सरकारी अस्पताल के आसपास और सामने की तरफ ड्रेनेज से निकली गई गंदगी अथवा कीचड़ या फिर मलवा नाले के साथ में ही पड़ा हुआ छोड़ दिया गया। कई दिन बीत जाने के बाद भी इस सूखे हुए कीचड़, कचरा कूड़ा करकट को डंपिंग यार्ड तक भेजने की जरूरत महसूस नहीं की जा रही है । एक समस्या अलग ही प्रकार की भी है, ड्रेनेज के ऊपर लंबे चौड़े चबूतरेने हुए हैं । इनके नीचे सफाई करना किसी भी मशीन के द्वारा अपने आप में एक चुनौती है।

सरकारी अस्पताल के सामने ही ड्रेनेज से निकला गया कूड़ा करकट कचरे का ढेर यहां उपचार के लिए आने वाले रोगियों अथवा लोगों के लिए अलग ही समस्या है। तेज धूप और गर्मी में कूड़े करकट गंदगी की बदबू से भी आम लोगों को परेशानी महसूस होने लगी है । ड्रेनेज के बगल में ही बैंक अस्पताल व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बने हुए हैं। पटौदी जाटोली मंडी परिषद का चुनाव लड़ चुके सुशील कुमार लालू ने मांग करते हुए कहा है कि नगर परिषद प्रशासन मानसून के दौरान, जिसमें की सबसे अधिक सीजनल बीमारियां फैलने का डर बना रहता है। ऐसे मौसम में आम जनमानस के स्वास्थ्य और स्वच्छ शुद्ध वातावरण को प्राथमिकता देते हुए ड्रेनेज की सही प्रकार से सफाई करते हुए ड्रेनेज के साथ पड़े हुए पूरे करकट गंदगी के  ढेरो को भी अभिलंब साफ करवाए।