रूपनारायणपुर: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य की सड़कों पर होने वाली अवैध वसूली और अनधिकृत बाधाओं को खत्म करने के लिए निर्णायक कदम उठाया है। मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश संख्या 102-CS/2026 के बाद अब राज्य में जिला परिषदों और नगर निगमों के अधीन चलने वाले सभी टोल टैक्स संग्रह को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से वाहन चालकों और आम जनता को बड़ी राहत मिली है।राज्य सरकार के नए निर्देश के अनुसार, अब बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के कोई भी टोल गेट, ड्रॉप गेट या बैरिकेड संचालित नहीं होगा। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि जिन संग्रह केंद्रों के पास वैध अनुमति नहीं है, उन्हें अवैध माना जाएगा और वहां किसी भी प्रकार की वसूली कानूनी अपराध होगी। जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में अनधिकृत टोल केंद्रों की पहचान कर उन्हें तुरंत हटाएं। सभी जिलों को अधिकृत और अवैध संग्रह बिंदुओं की विस्तृत सूची 15 मई 2026 की दोपहर 12 बजे तक सरकार को सौंपनी होगी। यदि आदेश के पालन में कोई लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई की जाएगी। सरकार के इस फैसले का असर बंगाल-झारखंड सीमा पर स्थित रूपनारायणपुर टोल प्लाजा पर साफ दिख रहा है। राजनीतिक उथल-पुथल के बाद विवादों में रहे इस टोल को पूरी तरह से बीते 9 तारीख से बंद कर दिया गया है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध वसूली की कोशिशों की खबरों ने प्रशासन को चौकन्ना कर दिया है। बाराबनी के विधायक अरिजीत राय ने कहा हमने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक नई और पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक टोल पूरी तरह बंद रहेगा। कोई भी जुमलाबाजी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध वसूली करने वालों पर सीधे कानूनी कार्यवाही की जाएगा। टोल बंद होने से अंतरराज्यीय परिवहन करने वाले ट्रक चालकों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि इससे न केवल आर्थिक बचत होगी, बल्कि अनावश्यक मानसिक उत्पीड़न भी खत्म होगा। वर्तमान में रूपनारायणपुर सीमा पर यातायात सामान्य है, लेकिन अवैध लेनदेन को रोकने के लिए पुलिस की गश्त काफी बढ़ा दी गई है। एक चालक ने कहा राज्य सरकार की यह पहल ऐतिहासिक है। इससे न केवल सड़कों पर पारदर्शिता आएगी, बल्कि परिवहन क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।