मोतिहारी

जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी के तत्वावधान में आज दिनांक 19.08.2026 को एडीआर भवन, सिविल कोर्ट परिसर, मोतिहारी में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव श्री नितिन त्रिपाठी की अध्यक्षता में बीपीआरओ (प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी) एवं न्याय सचिवों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में लगभग 90 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 12.09.2026 में अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन हेतु प्रभावी रणनीति तैयार करना तथा आम लोगों तक लोक अदालत के लाभ एवं निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी पहुँचाना था। सचिव श्री नितिन त्रिपाठी ने प्रतिभागियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लंबित एवं सुलह योग्य मामलों की पहचान कर संबंधित पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विवादों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए प्रेरित करें।
बैठक में मोतिहारी प्रखंड की सभी न्याय पंचायतों में विधिक सहायता क्लिनिक स्थापित करने के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई। सचिव ने कहा कि विधिक सहायता क्लिनिक का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके अधिकारों, उपलब्ध कानूनी उपायों तथा निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी उनके निकटतम स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या सामाजिक कारणों से न्याय से वंचित न रहे।
श्री नितिन त्रिपाठी ने उपस्थित बीपीआरओ एवं न्याय सचिवों को निर्देश दिया कि वे जमीनी स्तर पर व्यापक विधिक जागरूकता अभियान चलाएँ तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के साथ-साथ नालसा की विभिन्न जनकल्याणकारी एवं विधिक जागरूकता योजनाओं, निःशुल्क विधिक सहायता, मध्यस्थता, बाल विवाह निषेध, बाल संरक्षण, महिला अधिकार, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, नशा मुक्ति, मानव तस्करी, साइबर अपराध से बचाव तथा अन्य महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों के संबंध में आम जनता को जागरूक करें।
सचिव ने कहा कि “न्याय तभी सार्थक है जब उसकी जानकारी और पहुँच समाज के अंतिम व्यक्ति तक हो।” उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे पंचायत स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए विधिक जागरूकता को जन-आंदोलन का रूप दें तथा जरूरतमंद व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार से उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता एवं सेवाओं से जोड़ें।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में पंचायत स्तर पर प्रचार-प्रसार, जागरूकता कार्यक्रम, बैठकें एवं जनसंपर्क गतिविधियाँ आयोजित की जाएँ, ताकि अधिकाधिक पात्र एवं सुलह योग्य मामलों का निष्पादन आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक के अंत में सचिव श्री नितिन त्रिपाठी ने सभी प्रतिभागियों से समन्वित एवं सक्रिय प्रयास करते हुए 12 सितंबर 2026 की राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने तथा विधिक सहायता को ग्राम स्तर तक पहुँचाने का आह्वान किया।