हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में बुधवार को एक संभावित बड़ा रेल हादसा टल गया, जब दो वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) ट्रेनें एक ही ट्रैक पर बेहद करीब पहुंच गईं। हालांकि रेलवे की आधुनिक सिग्नल प्रणाली (Modern Signalling System) और लोको पायलट की सतर्कता के चलते समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और किसी तरह की दुर्घटना नहीं हुई।

जानकारी के अनुसार, चालकुशा प्रखंड के दशहरा ब्लॉक हॉल्ट के पास डाउन लाइन पर गया-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस (20894) आगे चल रही थी, जबकि उसके पीछे पटना-रांची वंदे भारत एक्सप्रेस (22306) थी। किसी तकनीकी या परिचालन कारण से पीछे वाली ट्रेन आगे वाली ट्रेन के काफी करीब पहुंच गई, जिससे कुछ समय के लिए रेलवे प्रशासन में हलचल मच गई।

रेल अधिकारियों के मुताबिक, जैसे ही ट्रेनों के बीच दूरी कम हुई, ऑटोमैटिक सेफ्टी सिस्टम (Automatic Safety System) ने लोको पायलट को खतरे का संकेत भेजा। चेतावनी मिलते ही चालक ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक (Emergency Brake) लगाकर ट्रेन की गति नियंत्रित कर ली और संभावित हादसा टल गया।

घटना में किसी भी यात्री को नुकसान नहीं पहुंचा और रेल परिचालन (Rail Operations) भी सामान्य बना रहा। रेलवे अधिकारियों ने मौके की समीक्षा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और स्पष्ट किया कि सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह प्रभावी ढंग से काम कर रही थी।

रेलवे का कहना है कि यह घटना दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक (Advanced Technology) और मानव सतर्कता (Human Vigilance) के संयुक्त प्रयास से बड़े हादसों को रोका जा सकता है।