सौरभ राय/ रफ्तार मीडिया
रांची:देश के महान साहित्यकार एवं 'वंदे मातरम्' के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की 188वीं जयंती के अवसर पर रविवार को राजधानी रांची के चिरौंदी स्थित टैगोर हिल में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। "बांग्ला संस्कृति कर्मी वृंद" की ओर से व सुबीर लाहिड़ी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला इस दौरान मुख्य रूप से राज्यसभा सांसद महुआ माजी की उपस्थिति रही।कार्यक्रम की शुरुआत बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि के साथ हुई। इसके बाद देशभक्ति गीत और बांग्ला सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से उनके साहित्यिक योगदान को याद किया। ।
*बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की रचनाएं हम सभी के लिए प्रेरणादायक हैं- महुआ माजी*
कार्यक्रम में शामिल हुई राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन और साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे केवल एक महान लेखक नहीं, बल्कि भारतीय राष्ट्रीय चेतना के प्रबल वाहक थे। उनकी रचनाओं ने उस दौर में देशवासियों के मन में राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत करने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र की साहित्यिक कृतियों ने भारतीय संस्कृति, सभ्यता और मूल्यों को वैश्विक पहचान दिलाई। उनके उपन्यास और लेखन आज भी समाज को सत्य, कर्तव्य, नैतिकता और राष्ट्रसेवा का संदेश देते हैं। नई पीढ़ी को उनके साहित्य का अध्ययन कर उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
*सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को दी गई श्रद्धांजलि*
कार्यक्रम के दौरान "बांग्ला संस्कृति कर्मी वृंद" के सदस्यों ने देशभक्ति एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कीवक्ताओं ने कहा बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का साहित्य भारतीय समाज की अमूल्य धरोहर है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक गौरव की प्रेरणा देता रहेगा।