अजीत कुमार / दिल्ली: देश में NEET परीक्षा के पेपर लीक और भ्रष्टाचार की दीमक अब छात्रों की जिंदगी निगलने लगी है। राजस्थान के झुंझुनू जिले के एक होनहार छात्र प्रदीप मेघवाल की मौत ने पूरे देश की शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता को झकझोर कर रख दिया है। वहीं, इंसाफ की गुहार लगा रहे पीड़ित परिवार पर पुलिस द्वारा की गई कथित बर्बरता और जातिसूचक अपमान के बाद मामला अब पूरी तरह गरमा गया है वही नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी  ने भी पीड़ित परिवार से मिले थे

वही केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के पास पहुंचा जहाँ उन्होंने पत्र देकर इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप,CBI जांच और दोषी पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग की गई है।और कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो इसकी भी अपील की है

पीड़ित परिवार और सहयोगियों का कहना है की घटना के बाद जब पीड़ित परिवार और समाज के लोग सीकर के एस.के.हॉस्पिटल मोर्चरी के सामने शांतिपूर्ण धरने पर बैठे थे,तो सुरक्षा देने वाली पुलिस ही भक्षक बन गई। आरोप है कि थानाधिकारी सुनील जांगिड़ और राजेश बुडानिया ने न सिर्फ प्रदर्शनकारियों के साथ अमानवीय व्यवहार किया,बल्कि:
जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर पीड़ित परिवार को प्रताड़ित किया।
महिलाओं और मृतक की बहनों के साथ हाथापाई और अभद्र व्यवहार किया।

वही केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को सौंपे गए ज्ञापन में 8 सूत्रीय मांगें रखी गई ​जैसे CBI जांच: प्रदीप मेघवाल की मौत और NEET पेपर लीक मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक या CBI जांच हो