कासगंज (उत्तर प्रदेश):
रफ्तार मीडिया की खबर का एक बार फिर बड़ा असर देखने को मिला है। जनपद कासगंज के नगर गंजडुंडवारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भारी अव्यवस्थाओं, डॉक्टरों के नदारद रहने और समय पर अस्पताल न खुलने को लेकर रफ्तार मीडिया ने प्रमुखता से खबर दिखाई थी। इस खबर का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। ACMO डॉ. शुक्ला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गंजडुंडवारा CHC के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आकाश से  स्पष्टीकरण मांगा है।
क्या था पूरा मामला?
बीते दिनों रफ्तार मीडिया की टीम जब गंजडुंडवारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, तो वहां की बदहाली कैमरे में कैद हुई थी। अस्पताल में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं:
समय पर नहीं खुला अस्पताल: सुबह तय समय के बाद भी अस्पताल के मुख्य द्वारों पर ताले लटके हुए थे।
मरीज बेहाल, बिना दवा लौटे: दूर-दराज से आए मरीज तड़के सुबह से ही लाइनों में खड़े थे, लेकिन डॉक्टर और स्टाफ गायब थे। कई मरीज बिना इलाज और दवाई लिए ही बैरंग लौटने को मजबूर हो गए।
कर्मचारी की मनमानी: दवाई वितरण कक्ष में मौजूद एक कर्मचारी ऑन-कैमरा यह कहता नजर आया कि "10:00 बजे से पहले कोई दवाई नहीं मिलेगी।"
अस्पताल परिसर में बुलेट का टशन: अस्पताल के भीतर का नजारा भी हैरान करने वाला था। एक डॉक्टर के नाम पर अस्पताल परिसर के अंदर ही रॉयल एनफील्ड बुलेट बाइक घूमती हुई दिखाई दे रही थी, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हुए।
गंदगी का अंबार: मरीजों को स्वस्थ करने वाले इस केंद्र पर चारों तरफ गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ था, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना था।
खबर चलते ही प्रशासन में मचा हड़कंप
रफ्तार मीडिया द्वारा इस खबर को प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई। मरीजों की परेशानी और विभाग की लापरवाही उजागर होने के तुरंत बाद ACMO डॉ. शुक्ला ने एक्शन लिया।
ACMO डॉ. शुक्ला का बयान:
"सरकारी अस्पतालों में समय की पाबंदी और मरीजों को बेहतर इलाज मिलना पहली प्राथमिकता है। गंजडुंडवारा CHC की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आकाश से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।"
रफ्तार मीडिया लगातार जनता से जुड़े मुद्दों को उठाता रहा है और इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र की जनता ने मीडिया के इस प्रयास की सराहना की है। अब देखना यह होगा कि इस नोटिस के बाद गंजडुंडवारा CHC की व्यवस्थाओं में कितना सुधार आता है।